फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहीद हेमराज के बेटे के सिर पर ‘जनरल’ का हाथ

Thu, 17 Jan 2013 09:36 AM IST
नवीन गोयल/कोसीकलां
विज्ञापन
विज्ञापन
पिता का सिर से हाथ उठ गया तो मां की आंखें भी निरंतर बरस रहीं हैं। बेटा हतप्रभ है और परिजनों के आंसुओं के साथ उसे एहसास होने लगा है कि पापा की रेल अब नहीं आएगी। शहीद हेमराज के घर खुद जनरल आए थे लिहाजा परिवार का आत्मबल बढ़ा। दर्द साझा करने आए जनरल ने शहीद के बेटे प्रिंस के सिर पर हाथ रखा, बेहद भावुक इस दृश्य के साक्षी लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
विज्ञापन


जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि यह परिवार मेरा है और हम बेटे को पढ़ाएंगे। फिर आंसू निकले लेकिन उस भरोसे की एक उम्मीद भी जागी, जिसमें सुरक्षा, संरक्षण और संतुष्टि थी। सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि हेमराज शहीद हो गए, यह सर्वोच्च बलिदान है। वह इस परिवार की सदा मदद करते रहेंगे। इस शहादत पर हमें गर्व है। गांव के मुकम्मल विकास के लिए सीएम से वार्ता करेंगे।

सेना प्रमुख बुधवार को दोपहर 12 बजे शहीद के गांव शेरनगर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने शहीद हेमराज को श्रद्धांजलि देकर सलामी दी। उनके साथ साउथ वेस्ट कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ज्ञान भूषण एवं स्ट्राइक वन कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीआर कुमार ने भी श्रद्धांजलि देकर सलामी दी। जनरल ने परिजनों का दुख दर्द साझा करने के साथ ही उन्हें ढांढस बंधाया। श्रद्धांजलि स्थल पर उन्होंने शहीद के मासूम बेटे प्रिंस के सिर पर हाथ फेर कर प्यार किया। इस दौरान वे काफी भावुक हो गए। इतना ही नहीं हेमराज के ताऊ को भी गले से लगा लिया।
विज्ञापन


पत्नी और मां का लिया हालचाल
जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती और मां मीना का हालचाल लिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह शहादत बेकार नहीं जाने देंगे।

संतुष्ट दिखे परिजन
सेना प्रमुख से मिलने के बाद शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती एवं मां मीना देवी ने कहा कि अब वे संतुष्ट हैं। अब हमें पूरा सम्मान मिला है। शहीद की मां का कहना था कि वह अब दोनों बेटों को सेना में भेजना चाहती हैं।

'घटना दुर्भाग्यपूर्ण'
सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह की पत्नी सुरजीत कौर का कहना था कि सेना के जवानों के साथ हुई घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। वे दुख की इस घड़ी में शहीद के परिवार के साथ हैं। सेना पूरी तरह से मुस्तैद होकर पाक सेना को जबाव दे रही है।

गांव में कड़ी सुरक्षा
सेना प्रमुख के आगमन को देखते हुए गांव में चाक चौंबद व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धांजलि स्थल पर बमुश्किल परिजनों सहित 50 लोगों को प्रवेश की इजाजत मिल सकी। स्थल पर पहुंचने के लिए ग्रामीणों ने कोशिश की लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्हें समझा दिया गया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल के पास की छतों पर कुछ ग्रामीण चढ़ गए और सेना प्रमुख को देखने की हसरत पूरी की।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें