इस कारण गोशाला खुलने से अब तक दर्जनों पशु मरे हैं। दो बीमार हैं, जिनका उपचार चल रहा है। वहीं बीडीओ प्रवीण त्रिपाठी का कहना था कि गौशाला में जो भी परेशानियां है, उसे दूर कराने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है। वह मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान कराएंगे। इस संबंध में एसडीएम केराकत सीपी पाठक ने कहा कि पशुओं के शव को गड्ढा खोदकर दफनाने का निर्देश है। अगर ऐसा नहीं है तो फिर यह लापरवाही है। मामले की जांच कराएंगे। सम्बन्धित से स्पष्टीकरण लेकर कार्यवाई की जाएगी। सड़क पर घूम रहे पशुओं को भी गोशाला में भेजा जाएगा।