सैदनगली। सैदनगली में बुधवार रात बुखार और सीने में दर्द से पीड़ित संभल के बिशनपुर निवासी नेतराम (35) की अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गलत दवा और इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने संभल-हसनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने देर रात क्लीनिक को सील कर दिया। घटना के बाद से क्लीनिक संचालक मौके से गायब है।
मृतक नेतराम किसान थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बेटी और एक बेटा हैं। परिजनों ने बताया कि नेतराम को पिछले दो दिनों से बुखार के साथ सीने में दर्द की शिकायत थी। बुधवार शाम परिजन उसे उपचार के लिए सैदनगली स्थित मुंतियाज के निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर उपचार के दौरान नेतराम को गलत दवा और इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर क्लीनिक संचालक ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन नेतराम को लेकर दूसरे अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नेतराम की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। रात करीब 11 बजे बड़ी संख्या में लोग संभल-हसनपुर मार्ग पर पहुंच गए और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सड़क पर जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने पर सीओ पंकज त्यागी और हसनपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक की जांच के बाद उसे सील कर दिया है।
सीओ पंकज त्यागी ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएचसी प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही देर रात कार्रवाई की गई है। मुंतियाज का क्लीनिक बिना किसी वैध पंजीकरण और मानकों के अवैध रूप से संचालित हो रहा था। सीएमओ के निर्देश पर क्लीनिक को सील कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।