अमरोहा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे की सुविधा तो है लेकिन कई जगह मशीन ठीक नहीं है तो कहीं टेक्नीशियन ही नहीं है। ऐसे में एक्सरे कराने पहुंच रहे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। सुविधाओं के अभाव में जनपद की सीएचसी पर लगी एक्सरे की मशीनें धूलफांक रही है।
मंडी धनौरा, ढबारसी व रहरा सीएचसी पर एक्सरे सेवाओं पूरी तरह से ठप है। ऐसे में मरीजों की परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। तीनों केंद्रों पर एक्सरे मशीनें उपलब्ध हैं फिर भी मरीज अपनी जेब ढीली कर निजी सेंटरों पर एक्सरे कराने को मजबूर है। इसके अलावा आरोप है कि ढबारसी और रहरा सीएचसी पर एक्सरे टेक्नीशियन मनमानी भी करते है। वह जब उनका मन करता है काम बंद कर देते है। एक्सरे फिल्म न होने पर करीब दो माह से मंडी धनौरा सीएचसी पर लगी मशीन धूलफांक रही है।
अमरोहा सीएचसी में लगी मशीन से एक्सरे कर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। चर्चा है कि मशीन के एक्सरे की गुणवत्ता बेहद खराब है। नौगांवा सादात में केवल सीने के एक्सरे कराए जा रहे हैं। हड्डी टूटने या अन्य किसी समस्या के कारण एक्सरे कराने की आवश्यकता होती है, तो अक्सर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को निजी सेंटरों में महंगे दामों पर एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं या फिर अमरोहा जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
दो माह से फिल्म नहीं होने से एक्सरे ठप
मंडी धनौरा। सीएचसी में दो महीने पहले एक्सरे मशीन आई थी जो लग भी गई है। हालांकि, एक्सरे फिल्म न होने के कारण मशीन शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में रोगी निजी डॉक्टर या सेंटरों पर एक्सरे करा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में साल 2005 में तत्कालीन सांसद हरीश नागपाल ने अपनी सांसद निधि से एक्सरे मशीन लगवाई थी। 20 साल में मशीन आउटडेटेड हो गई है। काफी समय से सरकारी अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगवाने की मांग की जा रही थी। करीब दो महीने पहले सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीन आ गई थी। लेकिन एक्स-रे फिल्म नहीं होने के कारण अभी तक मशीन शुरू नहीं हो पाई है। अधीक्षक का कहना है एक्सरे फिल्म के लिए सीएमओ कार्यालय को लिखा गया है। संवाद
गजरौला में ठीक मिली व्यवस्था
गजरौला। सीएचसी में एक्सरे की व्यवस्था ठीक मिली। यहां रोजाना करीब 50 एक्सरे तक होते हैं। बृहस्पतिवार को भी 41 लोगों के ने सीएचसी में आकर अपने एक्सरे कराए। सीएचसी प्रभारी डॉ.योगेंद्र सिंह ने बताया कि यहां एक्सरे के लिए लाइन लगी रहती है जो भी एक्सरे के लिए कहता है, उसका तुरंत करा दिया जाता है। बृहस्पतिवार को अन्य दिन दिनों के मुकाबले यह संख्या कम रही। संवाद
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मरीज बोले, टेक्नीशियन रहता है अनुपस्थित
रहरा। सीएचसी में मरीजों को बुनियादी सुविधाओं को लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों के प्रतीक्षालय में पंखे तो लगे हैं, लेकिन वह चलते नहीं है। गर्मी में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। एक्सरे मशीन होने के बाद भी यहां एक्सरे की व्यवस्था पटरी पर नहीं चढ़ पा रही है। एक्सरे टेक्नीशियन की लगातार अनुपस्थित से यहां मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक्सरे कराने के लिए मरीज हसनपुर या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। संवाद
आरोप, टेक्नीशियन की मनमानी से नहीं मिल पाता लाभ
ढबारसी। सीएचसी में एक्सरे सुविधा पूरी तरह से ठप होने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही हे। केंद्र पर एक्सरे मशीन उपलब्ध है फिर भी मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी मुख्य वजह एक ही एक्सरे टेक्नीशियन की मनमानी बताई जा रही है, जो अपनी मर्जी से काम करता है या फिर काम बंद कर देता है। एक्सरे नहीं होने के कारण दूर-दराज से आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
सभी मरीजों को नहीं मिल रही एक्सरे फिल्म, परेशानी
हसनपुर। सीएचसी में एक्सरे व्यवस्था तो सुचारू है। हालांकि, एक्सरे कराने वाले वाली सभी मरीजों को एक्सरे की फिल्म नहीं दी जाती। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जब मरीज सरकारी या प्राइवेट चिकित्सक के पास अपने एक्सरे की रिपोर्ट दिखाता है तो उनके पास एक्सरे फिल्म नहीं होती। इससे उनका सही उपचार नहीं हो पाता। चिकित्सा प्रभारी डाॅ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि जिस मरीज को एक्सरे की फिल्म चाहिए होती है या जो एक्सरे की फिल्म देने की मांग करता है, उस मरीज को एक्सरे फिल्म दी जाती है।
- सभी जगह एक्सरे हो रहे हैं। बछरायूं और जोया को छोड़कर सभी जगह डिजिटल एक्सरे की सुविधा है। जहां डिजिटल एक्सरे है वहां मरीज को फोटो या व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराया जाता है। ढबारसी और रहरा सीएचसी में एक टेक्नीशियन है जो तीन तीन दिन काम करता है। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ