अमरोहा। जनता की गाढ़ी कमाई से टोल वसूल कर कंपनियों ने अपना खजाना तो भर लिया, लेकिन स्टांप शुल्क की चोरी कर सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचा दिया। यह घपला एक-दो नहीं नहीं, बल्कि चार कंपनियों ने अंजाम दिया है। जिले में स्थित जोया टोल पर वाहनों से वसूली करने वाली एक कंपनी पर स्टांप चोरी कर सरकारी खजाने का नुकसान पहुंचाने वाली एक कंपनी पर एडीएम वित्त व राजस्व कोर्ट ने 2.31 करोड़ का जुर्माना भी लगाया। वहीं, तीन अन्य कंपनियां भी इस कार्रवाई की जद में हैं। इन पर दो करोड़, 34 लाख,16 हजार, तीन सौ अस्सी रुपये का स्टांप शुल्क चोरी किया। उन पर कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
एनएचएआई के नेशनल हाईवे 9 पर जोया में टोल प्लाजा स्थित है। वाहनों से टोल वसूली के लिए मैसर्स सुरेंद्र शुक्ला नवी मुंबई महाराष्ट्र, मैसर्स प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड महू, इंदौर मध्य प्रदेश, मैसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड उल्लास नगर महाराष्ट्र व सहकार ग्लोबल कंपनी मुंबई ने अलग-अलग समय में केवल 100 रुपये के स्टांप पर करोड़ों रुपये का अनुबंध कर लिया। मैसर्स सुरेंद्र शुक्ला ने 10 अक्टूबर 2018 से 11 जनवरी 2019 तक टोल का अनुबंध 14,63,999 रुपये प्रतिदिन देयता के हिसाब से किया। जिसमें स्टांप ड्यूटी 36,30,720 रुपये बनती थी। लेकिन कंपनी ने केवल 100 रुपये के स्टांप पर ही तीन माह के लिए अनुबंध कर लिया। कंपनी पर 3630620 रुपये की स्टांप चोरी का आरोप है। इसके अलावा मैसर्स प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड ने भी 12 फरवरी 2019 से 12 मई 2019 तक के लिए 15,51,000 रुपये प्रतिदिन देयता के अनुसार अनुबंध किया। इस कंपनी पर 84,68,460 रुपये का स्टांप शुल्क बनता था, लेकिन मात्र सौ रुपये के स्टांप शुल्क लगाने के बाद 8468360 रुपये की स्टांप चोरी कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
इसके अलावा मैसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड उल्लास नगर महाराष्ट्र पर भी आरोप है कि साल 23 जून 2016 से 22 जून 2016 तक एक साल से के लिए एनएचएआई से अनुबंध किया था। इसमें भी सौ रुपये के स्टांप शुल्क पर अनुबंध कर लिया गया। इसमें एक करोड़ 13 लाख 73 हजार 400 रुपये की स्टांप चोरी सामने आई। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सहकार ग्लोबल कंपनी पर 2.31 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बाकी तीनों मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं।
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2019 में पकड़ में आए थे स्टांप चोरी के मामले
साल 2019 में तत्कालीन महानिरीक्षक निबंधन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को जनपदों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के संग्रह किए जाने के अनुबंध पत्रों पर स्टांप शुल्क की वसूली के संबंध में जांच के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद जोया टोल पर स्टांप चोरी का बड़ा खेल सामने आया था। यहां एक नहीं बल्कि चार कंपनियों ने टोल लेने लिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला पकड़ में आने के बाद कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिसके बाद से ही यह मामले एडीएम वित्त व राजस्व कोर्ट में विचाराधीन चल रहे है। एक कंपनी पर जुर्माने की रकम तय कर दी गई है, जबकि तीन मामलों पर जल्द ही एडीएम कोर्ट का निर्णय सामने आ जाएगा। एडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सहकार ग्लोबल कंपनी पर जुर्माना लगाया है। एक माह में जुर्माना अदा न करने पर आरसी जारी की जाएगी।