कोटे की दुकान की जांच करने पहुंची टीम के सामने दो पक्ष आपस में भिड़ गए, इस दौरान दोनों ने एक दूसरे पर जूते-चप्पलों के साथ बेल्ट से भी हमला किया। विवाद होने पर जांच टीम तो मौके पर जमी रही, लेकिन जब विवाद मारपीट का रुप ली तो जांच अधिकारी मौके से भाग लिए। बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपे। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
उझारी नगर पंचायत के सादात मोहल्ला निवासी रईस अहमद के नाम पर कोटे की दुकान है। कुछ दिन पहले भाजपा नेता अरमान तंवर, अय्यूब मलिक सहित अन्य ने कोटेदार के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें कोटेदार पर मानक के अनुसार राशन वितरण न करने और उपभोक्ताओं के संग अभद्रता करने की शिकायत थी। डीएम ने शिकायत की जांच के लिए टीम गठित की, सोमवार को एआरओ आनंद प्रभु टीम के साथ शिकायत की जांच करने के लिए पहुंचे। जांच प्रक्रिया प्राथमिक विद्यालय उझारी सादात के परिसर में चल रही थी। यहां पर शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे थे। तभी शिकायतकर्ताओं और राशन डीलर पक्ष के बीच कहासुनी हो गई, देखते ही देखते दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। इस दौरान जूता चप्पल के साथ जमकर बेल्टें चलीं, पथराव भी हुआ। कहासुनी होने तक तो जांच टीम मौके पर जमी रही, लेकिन मारपीट होने पर मौके से निकल गए। इस दौरान एक घंटे तक मारपीट एवं हंगामा होता रहा। तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुटी रही। इसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर दोनों पक्ष थाने पहुंचे। थाने के निरीक्षक अरिहंत कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
नगर के मोहल्ला सादात में कोटेदार की जांच के दौरान यदि पुलिस भी साथ होती तो मारपीट की नौबत नहीं आती। जांच के दौरान पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि यहां विवाद हो सकता है। ऐसे में बिना पुलिस की मौजूदगी के जांच करने जांच अधिकारी कैसे पहुंच गए। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस मौके पर होती तो विवाद नहीं बढ़ पाता।