अमरोहा के मंडी धनौरा में तीन दिन पहले हुई प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। अपमान का बदला लेने के लिए दो सगे भाइयों ने घटना को अंजाम दिया था। छोटे भाई ने सैलून की दुकान में तमंचे से पहली गोली मारी थी। बाद में दोनों भाइयों ने पिस्टल और तमंचे से ताबड़तोड़ आठ गोली दागी थीं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने हत्यारोपी दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से तमंचा, पिस्टल और बाइक बरामद कर जेल भेज दिया गया है।
शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी की सुबह गांव कुआखेड़ा में सैलून पर शेविंग करा रहे प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र यादव उर्फ कलुआ की दो बदमाशों ने सरेआम गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। चेहरे पर कपड़ा बांधे सैलून में घुसे एक बदमाश ने पहली गोली रविंद्र के सीने में मारी थी।
भागने पर हमलावर ने बाहर मौजूद दोनों बदमाश उसे घेरकर खाली प्लॉट में गिर जाने पर रविंद्र की जान जाने तक गोलियां दागते रहे। इसके बाद दोनों हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। इस मामले में मृतक रविंद्र के बहनोई ने पांच नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए चार सीओ और दस इंस्पेक्टरों की टीम अलग-अलग लगाई गईं। एएसपी राजीव कुमार सिंह टीम का नेतृत्व कर रहे थे। घटनास्थल से आस-पास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। दोनों हत्यारोपी की अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे में फोन पर बातचीत करते हुए देखे गए। सर्विलांस की मदद से हत्यारोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। जिसके आधार पर बछरायूं थानाक्षेत्र के बाखरपुर माफी के रहने वाले मनदीप और उसके छोटे भाई रितिक को गिरफ्तार किया गया।
एसपी के मुताबिक पूछताछ के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपी मनदीप और रितिक फोर्स में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2021 में क्रिकेट मैच खेलते समय दोनों भाइयों का झगड़ा प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र के गांव के युवकों से हो गया था। रविंद्र दबंग किस्म का व्यक्ति था। उसने 30 दिसंबर 2021 को दोनों भाइयों के साथ मारपीट कर दी थी। जबकि जनवरी 2023 में रविंद्र ने दोबारा से मारपीट की और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी।
मृतक रविंद्र जहां भी मिलता था दोनों भाइयों से गाली गलौज कर अपमानित करता था। जून 2023 में मृतक रविंद्र ने आरोपी भाइयों के खेत में खड़ी गन्ने की फसल को दो बार जुतवा दिया था। इसके बाद दोनों भाइयों ने रविंद्र की हत्या करने की ठान ली थी। नामजद आरोपियों का हत्या में शामिल होने का कोई क्लू नहीं मिला है।
रविंद्र की हत्या कर क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाना चाहते थे दोनों भाई
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि रविंद्र अपने क्षेत्र का दबंग व्यक्ति था। जबकि मनदीप और रितिक दोनों भाई भी क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाना चाहते थे। लेकिन बार-बार प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र उनके साथ गाली-गलौज कर अपमानित करता रहता था। इसलिए दोनों भाई रविंद्र की हत्या करके अपने क्षेत्र में वर्चस्व बनाना चाहते थे।
एक महीने तक की थी रेकी
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि करीब एक महीने हत्यारोपी मनदीप और रितिक ने प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र की हत्या करने के लिए रेकी की थी। दोनों भाइयों को पता था कि रविंद्र कुआखेड़ा में सैलून की दुकान पर सेविंग और बाल कटवाने आता-जाता है। लेकिन जब भी दोनों भाई सैलून पर जाते थे तो रविंद्र नहीं मिलता था। घटना वाले दिन सुबह करीब सवा आठ बजे हत्यारोपी रितिक कुआखेड़ा में चौधरी मेडिकल स्टोर के पास खड़ा होकर रविंद्र के आने का इंतजार करने लगा। जैसे ही रविंद्र सैलून पर पहुंचा। तभी रितिक ने अपने बड़े भाई मनदीप को बुला लिया था। इसके बाद दोनों भाइयों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
प्रोफेशनल शूटर की तरह दिया वारदात को अंजाम
सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते समय एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र की हत्या को अंजाम प्रोफेशनल शूटरों की तरह दिया गया था। शुरुआत में यही लग रहा था कि किसी प्रोफेशनल शूटर में हत्या की है। लेकिन जब हकीकत सामने आई तो दोनों भाई मनदीप और रितिक हत्यारोपी निकले। दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हैं।
हत्यारोपियों का बड़ा भाई है आर्मी में
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि दोनों हत्यारोपी मनदीप और रितिक फोर्स की भर्ती की तैयारी कर रहे थे। उनका एक बड़ा भाई आर्मी इंटेलिजेंस में है, जबकि दूसरा तंजानिया में शब्द कीर्तन करता है।
60 हजार रुपये में खरीदी थी पिस्टल और तमंचा
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि हत्यारोपी दोनों भाइयों ने प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र की हत्या करने के लिए एक बिचौलिया के माध्यम से 60 हजार रुपये में पिस्टल और तमंचा-कारतूस खरीदे थे। जिससे पिस्टल और तमंचा-कारतूस खरीदे गए वह दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हथियारों का बड़ा तस्कर है। पुलिस की टीम में तस्कर और पिस्टल-तमंचा दिलाने वाले बिचौलिया की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
अपने पिता से रहता है आरोपियों का झगड़ा
एसपी ने बताया कि दोनों आरोपी भाई मनदीप और रितिक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन दोनों का अपने पिता विजेंद्र सिंह से झगड़ा रहता है। पिता के साथ दोनों भाई मारपीट करते थे। इस संबंध में वीरेंद्र सिंह ने वर्षों पहले पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों बेटों के गलत व्यवहार के चलते विजेंद्र सिंह उनसे अलग रहते थे। कभी-कभी घर आते थे।
अगर हम रविंद्र को जिंदा छोड़ देते तो वह हमे मार देता
रविंद्र यादव द्वारा किए जा रहे अपमान और पिटाई से आहत होकर उसकी हत्या करने वाले मंदीप व रितिक का कहना था कि यदि हम उसे जिंदा छोड़ देते तो वह हमे मार देता। इसीलिए उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए ही नौ गोलियां दागी गई थी। रविंद्र के सिर और सीने में कुल नौ गोलियां लगी थी। इनमें छह उसके सिर में मारी गईं। रविंद्र की हत्या में पिस्टल और 315 बोर के तमंचे का प्रयोग किया गया था।
एफआईआर में नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर नामजदगी पृथक की जाएगी
रविंद्र की हत्या में शक के आधार पर नामजद पांचों आरोपियों की भूमिका की जांच कर नामजदगी पृथक की जाएगी। बहनाेई नितिन ने चांदपुर निवासी सोनू चंदेल, मेरठ निवासी इमामउददीन, थाना गजरौला के गांव मुरादपुर निवासी दीपक भड़ाना, नगर के मोहल्ला महादेव निवासी अभिशांत व अर्पित को नामजद किया था। पुलिस द्वारा हत्या में शामिल दोनों भाइयों मंदीप व रितिक को जेल भेज दिया गया है। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि पांचों नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। भूमिका नहीं पाए जाने पर उनकी नामजदगी हटा दी जाएगी।
रविंद्र के मित्रों ने घटना में एक अन्य शूटर होने का आरोप लगा थाने के बाहर किया हंगामा
रविंद्र की हत्या में मंदीप और रितिक का नाम आने के बाद रविंद्र के दोस्तों और ग्रामीणाें ने थाने के बाहर हंगामा किया। उनका आरोप था कि दोनों भाइयों के साथ कोई शार्प शूटर भी शामिल है। पुलिस शूटर को बचा रही है। वे थाने के बाहर हंगामा करने लगे। सीओ का कहना था कि मंदीप व रितिक के अलावा कोई अन्य घटना में शामिल नहीं है। दोनों भाइयों ने बदला लेने के लिए जुनून में आकर हत्या की है।