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अफसरों की ये कैसी मनमानी: चकबंदी अधिकारियों ने पैमाइश में किया 'खेल', पीड़ित किसान परिवार ने कलेक्ट्रेट में जान देने की कोशिश

Tue, 10 May 2022 08:40 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा तहसील के गांव मुजफ्फरपुर पट्टी निवासी किसान जितेंद्र सिंह ने अपने दोनों बेटों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर तेल छिड़कर जान देने का प्रयास किया। जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। किसान परिवार का आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश में हेराफेरी की है। प्रशासन ने मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। 
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आत्मदाह - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अमरोहा में पत्नी और बच्चों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे दो किसान भाइयों ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। दौड़कर पहुंचे कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने दोनों भाइयों को बचाया। आनन-फानन में पहुंचे एडीएम ने उनकी समस्या सुनी और जमीन की पैमाइश रोक लगवाई। घटना से प्रशासनिक अधिकारियों ने हड़कंप मचा रहा।

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अमरोहा तहसील क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर पट्टी में किसान जितेंद्र सिंह का परिवार रहता है। मंगलवार को जितेंद्र अपने बेटे दिवाकर व सुधाकर और उनकी पत्नी- बच्चों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम कार्यालय में पत्र देकर बताया कि गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। उनकी अधिकांश जमीन पक्की सड़क के फ्रंट पर स्थित है। जबकि एक अन्य परिवार की केवल चार बीघा जमीन सड़क के फ्रंट पर है, लेकिन चकबंदी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सांठगांठ कर चार बीघा जमीन के सापेक्ष दूसरे पक्ष का 35 बीघा जमीन का चक फ्रंट पर बना दिया। जबकि उनका चक सड़क से हटाकर पीछे पहुंचा दिया।

उन्होंने बताया कि यह मामला संभल के एसओसी (चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी) न्यायालय में विचाराधीन है। बावजूद इसके अवैध रूप से पैमाइश करा कर सड़क किनारे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। इस बीच चकबंदी अधिकारी-कर्मचारी जमीन की पैमाइश करने पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही किसान के परिवार ने चकबंदी अधिकारी कर्मचारी पर मिलीभगत का आरोप लगाए हंगामा किया। मामले को न्यायालय में विचाराधीन होने तक पैमाइश रुकवाने की मांग की। बताते हैं कि अधिकारियों ने किसानों की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर करीब तीन बजे सगे भाई दिवाकर सिंह और सुधाकर सिंह का गुस्सा भड़क गया।
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कलक्ट्रेट पहुंचकर परिसर में खड़ी बाइक से पेट्रोल निकाल कर अपने ऊपर उलेड़ा लिया और आग लगाने की कोशिश की। घटना देखकर कलक्ट्रेट कर्मचारियों में खलबली मच गई। दौड़कर पहुंचे कर्मचारियों ने दोनों किसानों को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही एडीएम ने मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसान भाइयों को समझा कर शांत किया। साथ ही एसओसी चकबंदी नितिन कुमार को पैमाइश रोकने के निर्देश दिए। फिलहाल जमीन की पैमाइश रुकने के बाद किसान का परिवार अपने घर लौट गया। किसानों ने जमीन पर अवैध कब्जा करने पर पूरे परिवार सहित कलक्ट्रेट परिसर में अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
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