अमरोहा। तिगरी धाम में लगने वाले उत्तर भारत के ऐतिहासिक गंगा मेले को शासन की अनुमति मिल गई है। अब दिवाली के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा तट जगमग दिखाईं देगी। इस वक्त विरान तलहटी पर आस्था का संगम दिखाईं देगा। मेला स्थल को चौदह सेक्टरों में बांटा जाएगा। मेले को भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। देर रात तक डीएम ने अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब मेला स्थल को खाली कराने के साथ अन्य तैयारियां जोर पकड़ लेंगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम पर लगने वाला गंगा मेला उत्तर भारत का प्राचीन और ऐतिहासिक मेला है। तिगरी गंगा मेले में जिले के साथ ही आसपास जिलों के 15 से 20 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। गंगा किनारे श्रद्धालु डेरा लगाकर मेले में रहते हैं। मेला आस्था का बड़ा संगम कहलाता है। तिगरी गंगा मेले को राज्य स्तर का दर्जा भी मिल चुका है। गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते तिगरी मेला आयोजित नहीं हुआ था। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के मामले कम हो गए हैं। अभी तक संशय बना हुआ था। लेकिन गुरुवार की शाम योगी सरकार ने तिगरी धाम मेले को अनुमति दे दी है। इस साल 11 से 20 नवंबर तक मेला रहेगा। हजारों बीघा जमीन में तंबुओं की नगरी बसेगी। कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य 19 नवंबर की सुबह होगा।
अब इन कामों में आएगी तेजी
अमरोहा। श्रद्धालुओं के लिए टेंट की व्यवस्था, पेयजल, सड़क निर्माण और अस्थायी शौचालय निर्मित करना जाएगा। इसके अलावा सफाई व्यवस्था, टिन, फैन्सिंग, गोताखोर, बैरिकेडिंग, मचान और बैरियर लगाना जरूरी है। ताकि भीड़ भाड़ को रोका जा सके। गंगा घाटों को तैयार कराया जाएगा। वहीं पूरे मेले सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगा।
तिगरी मेले को शासन की अनुमति मिल गई है। इस संबंध में अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेले को आकर्षक और भव्य बनाया जाएगा। मेले में कोविड नियमों का पालन भी कराया जाएगा।
- बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा