अमरोहा। करीब पांच वर्ष पहले हरियाणा के ट्रक चालक संजय की हत्या कर शव को तालाब में फेंकने और समान चोरी करने के चर्चित मामले में न्यायालय ने तीन सूरज रावत, अजय गुप्ता और प्रदीप रावत को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं चोरी का सामान खरीदने वाले दो अन्य दोषी रिजवान और साबिर को तीन-तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया है। न्यायालय ने सभी पांच दोषियों पर 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाए जाने के समय सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। सजा सुनाए जाने के बाद मुख्य तीन दोषी सूरज रावत, अजय गुप्ता और प्रदीप रावत को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
मामला गजरौला थाने से जुड़ा है। हरियाणा के रोहतक जनपद के सौंपला थानाक्षेत्र के पाकरमा गांव निवासी सूरत सिंह के बेटे संजय ट्रक चालक थे। वह 31 जुलाई 2020 को ट्रक लेकर हरदोई गए थे। परिजन तलाश करते हुए गजरौला पहुंचे तो चौपला पुल के उतार पर जुबिलेंट फैक्टरी के निकट उनका ट्रक खड़ा मिला। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सीडीआर के आधार पर नौ अगस्त 2020 को गजरौला के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सूरज रावत और टीचर्स कॉलोनी निवासी अजय गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने गजरौला के मोहल्ला बस्ती निवासी प्रदीप रावत के साथ मिलकर संजय की हत्या करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर चामुंडा मंदिर रेलवे फाटक के पास गन्ने के खेत के किनारे स्थित बूढ़े बाबा के तालाब से संजय का शव बरामद किया गया था। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने हत्या के बाद संजय का मोबाइल फोन, नकदी, ट्रक के पहिए और अन्य सामान चोरी लिया था। बाद में यह सामान गजरौला के मोहल्ला मछली मंडी निवासी रिजवान और हसनपुर क्षेत्र के सिहाली जागीर निवासी साबिर को बेच दिया गया।
मृतक के भाई रामरूप की तहरीर पर पुलिस ने सूरज रावत, अजय गुप्ता, प्रदीप रावत, रिजवान और साबिर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने मंगलवार को पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए सूरज रावत, अजय गुप्ता और प्रदीप रावत को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, जबकि रिजवान और साबिर को तीन-तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। साथ ही सभी दोषियों पर 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बेहद भयावह थी बरामद शव की स्थिति
बरामदगी के समय ट्रक चालक संजय शव की स्थिति बेहद भयावह थी। शव पानी में औंधे मुंह पड़ा था। दोनों हाथ और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। आंखों पर पट्टी बंधी थी और शरीर पर चोटों के निशान मौजूद थे। शव फूल चुका था तथा उसमें कीड़े पड़ चुके थे। 10 अगस्त 2020 को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया था।
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किस धारा में कितनी सजा मिली
न्यायालय ने सूरज रावत और अजय गुप्ता को धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास तथा 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 201 के तहत सात-सात वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा सूरज रावत, अजय गुप्ता और प्रदीप रावत को धारा 120-बी के तहत सश्रम आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि धारा 379 के तहत तीन-तीन वर्ष का कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। सूरज रावत और अजय गुप्ता को धारा 404 के तहत तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड दिया गया। वहीं सूरज रावत, अजय गुप्ता, प्रदीप रावत, रिजवान और साबिर को धारा 411 के तहत तीन-तीन वर्ष का कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।