अमरोहा। गजरौला में दस साल पहले हुई डकैती के चर्चित मामले में न्यायालय ने मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और मेरठ के तीन दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने दो दोषियों को 9 वर्ष 4 माह 15 दिन और एक दोषी को 8 वर्ष 1 माह 15 दिन के कारावास से दंडित किया है। इसके अलावा तीनों पर कुल 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह मामला गजरौला नगर का है। एक दिसंबर 2016 की रात नरेंद्र मीना के घर में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया था। बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के अगले दिन पीड़ित की तहरीर पर गजरौला पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुजफ्फरनगर जिले के थाना ककरौली क्षेत्र के गांव कम्हेड़ा निवासी शाने आलम, बुलंदशहर जिले के थाना गुलावठी क्षेत्र के गांव भमरा निवासी अमीरुद्दीन तथा मेरठ जिले के थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव रुकनपुर निवासी इरशाद शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया था। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गए थे। मामले की सुनवाई एडीजे पॉक्सो एक्ट तृतीय न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने प्रभावी पैरवी की। सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने शाने आलम को 8 वर्ष 1 माह 15 दिन के कारावास की सजा सुनाई, जबकि अमीरुद्दीन और इरशाद को 9 वर्ष 4 माह 15 दिन के कारावास से दंडित किया। साथ ही तीनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।