फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाक्टर हैं नहीं, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे ताले, जनता बीमारियों के हवाले

विज्ञापन
रहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरा में लटका ताला। - फोटो : HASANPUR
विज्ञापन
रहरा(अमरोहा)। गंगेश्वरी क्षेत्र में आम लोगों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं। डाक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए उप स्वास्थ्य केंद्रों पर अक्सर ताले लटके रहते हैं। संक्रामक बीमारियों के दौर में मरीज अप्रशिक्षित चिकित्सकों के पास इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। गलत उपचार से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
विज्ञापन

गंगेश्वरी क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा बिल्कुल विपरीत नजर आएगा। 2 लाख 25 हजार की आबादी वाले क्षेत्र में 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पब्लिक हेल्थ सेंटर एवं 25 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। जिसमें अधिकतर केंद्रों का ताला लटक रहा है।
स्टाफ के नाम पर 6 डॉक्टर 11 एएनएम एवं एक सीएचओ के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। अस्पताल में न कोई अल्ट्रासाउंड मशीन है और न ही एक्स-रे मशीन है।
विज्ञापन

स्टाफ नर्स करा रहीं प्रसव
रहरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा में डिलीवरी का जिम्मा स्टाफ नर्स के भरोसे ही चल रहा है। लंबे समय से यहां कोई महिला चिकित्सक ही नहीं है। डिलीवरी के दौरान गंभीर स्थिति में मरीज के ऑपरेशन की सुविधा भी नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीज को रेफर कर दिया जाता है। इसके बाद अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास पहुंचकर मरीज की अक्सर मौत हो जाती है। क्षेत्र में बीते 20 दिनों में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के कारण कारण दो गर्भवती महिलाएं एवं एक युवक को अपनी जान गवानी पड़ी लेकिन नाममात्र की कार्रवाई होने के कारण अवैध नर्सिंग होम संचालकों के प्रशासन से मिलीभगत होने कारण बिना किसी कार्रवाई के इन संचालकों की दुकानें अवैध रूप से बेखौफ चल रही हैं।
क्षेत्र में बंद स्वास्थ्य उपकेंद्र
रहरई, सिमथला, तरौली, तलावड़ा, खड़गरानी, सिरसा गुर्जर, गंगाचोली, जयतोली, रुखालू, गंगवार, पथरा, दड़ियाल, रहरा, आदमपुर, गंगवार
स्टाफ कम होने की वजह से स्वास्थ्य उप केंद्र बंद पड़े हैं। डॉक्टर और एएनएम के लिए अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। -सौरभ त्यागी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रहरा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें