अमरोहा जनपद के हसनपुर के शाहपुर कला में शराब के विरोध में हुई पंचायत में शामिल महिलाएं। संवाद
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हसनपुर(अमरोहा)। कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला में अवैध और कच्ची शराब के विरोध में महिलाएं लामबंद हो गई हैं। शुक्रवार को उन्होंने इसको लेकर प्रदर्शन किया था तो रविार को पंचायत कर गांव तथा आसपास के गांवों में बनाई एवं बेची जा रही अवैध शराब पर पूर्णतया पाबंदी लगाने को लेकर आवाज उठाई। महिलाओं ने कहा कि किसी भी कीमत पर गांव में अवैध शराब नहीं बनने दी जाएगी।
रविवार को ग्राम प्रधान मीनू रानी की अध्यक्षता में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें गांव शाहपुर कला, शाहपुर खुर्द एवं करनखाल की महिलाएं एकत्र हुई। गांव के पुरुषों ने भी पंचायत में भागीदारी की। इस दौरान ग्राम प्रधान ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि गांव एवं आसपास के कई गांवों में कच्ची अवैध शराब का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है। लगातार कार्रवाई के बावजूद भी इस पर लगाम लगाने में पुलिस एवं आबकारी विभाग असफल हो रहा है। महिलाओं का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में गांव में अब तक ढाई सौ लोगों की कच्ची शराब पीने के बाद बीमार होने से मौत हो चुकी है। जिनके परिवार अनाथ हो चुके हैं। नए-नए युवा कच्ची शराब की जद में जा रहे हैं। उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। नए समाज के निर्माण में शराबबंदी का निर्णय बहुत ही आवश्यक है। बच्चों से लेकर बड़ों तक शराबबंदी के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। गांव में किसी भी हालत में कच्ची शराब बनाने नहीं दी जाएगी और यदि कोई दुकानदार या घर में चोरी छुपे शराब बेचने का काम करता है। तो उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। ऐसे लोगों की सूची बनाई जाएगी जो कच्ची शराब के कार्य में लिप्त रहे हैं या वर्तमान में भी लिप्त हैं। इस मौके पर गंगा शरण, गुलाब सिंह, वीर सिंह, टीटू सिंह, बुद्धि सिंह, रामदेव, अवतार सिंह, शशि देवी, रूपचंद, अनीता, विकेश, सुनीता, जहीर, किरन, केला, भगवती, उर्मिला आदि मौजूद रहे।