गजरौला। सीओ दफ्तर में इंस्पेक्टर क्राइम से बात करते समय हुई बहस के दौरान सिंचाई विभाग के ठेकेदार की बहन की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार व चालक की मौत के खुलासे के लिए पुलिस ने उनको बुलाया था। पुलिस उनकी किसी बात मानने की बजाय हर तथ्य पर झूठा ठहराने में लगी रही।
गजरौला के शुक्लपुरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह ने बताया कि उनका बेटा दीपक उर्फ देवऋषि व चालक इंद्रपाल 29 मई की सुबह मृत मिले। उनके शव दीपक के अवंतिका नगर मोहल्ला स्थित कार्यालय के बरामदे में बाहर पड़े थे। दीपक सिंचाई विभाग के ठेकेदार थे। घटना को साढ़े तीन महीने बीत गए लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। सोमवार को उनकी बेटी हेमलता को इंस्पेक्टर क्राइम अमरपाल सिंह ने फोन कर थाने में आने के लिए कहा था।
इस पर वह, उनकी बेटी और धेवता पुष्कर थाने में आए। यहां उनको बताया गया कि सीओ ऑफिस में बुलाया है जिसके बाद वह सभी सीओ ऑफिस ऑफिस गए। ठेकेदार के पिता का आरोप है कि उन्होंने बेटे व चालक की मौत के खुलासे के लिए जो भी बताया उसे इंस्पेक्टर क्राइम ने नकार दिया। पुलिस उल्टा उनके और अन्य सदस्यों के फोन पर ही शक कर रही है। उन्होंने व बेटी हेमलता ने इंस्पेक्टर क्राइम से मांग रखी कि मौत के खुलासे के लिए पूर्व एसएसआई ब्रजेश सिंह ने 28 डीवीआर निकाल रखी हैं। उनमें से एक को ही दिखवा दो। इंस्पेक्टर क्राइम ने उन पर और बेटी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर बेटी की बहस हो गई। इस दौरान हेमलता की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। हेमलता को एंबुलेंस से सीएचसी भिजवाया गया।
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परिजन ठेकेदार व चालक की हत्या का आरोप लगा रहे हैं जबकि कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने जांच कर ली है। सोमवार को उनके ऑफिस में इंस्पेक्टर क्राइम से ठेकेदार की बहन की बात हो रही थी। इस बीच उनकी बहन की तबीयत बिगड़ गई। उनकी तबीयत पहले भी खराब हो चुकी है। इंस्पेक्टर ने कुछ भी ऐसा नहीं कहा जिससे उनको दिक्कत हो। पुलिस ठेकेदार के परिजनों का सहयोग कर रही है। - अंजलि कटारिया, सीओ