संवाद न्यूज एजेंसी
रहरा। थानाक्षेत्र के गांव पौरारा में मायके में रह रही जावित्री (42) की बेरहमी से हत्या के मामले में पहले ही दिन जायदाद के लिए हत्या की बात सामने आई थी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट भी दर्ज की है, लेकिन सूत्रों की मानें तो पुलिस ने जायदाद वाले एंगल से हटकर भी कई अन्य बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है।
मृतका जावित्री सेवानिवृत शिक्षक कल्याण सिंह की बेटी थी। पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने पिता कल्याण सिंह के द्वारा गांव पौरारा में ही बाहरी छोर पर बनाकर दिए गए मकान में रह रही थी। रोजाना की तरह वह घर पर अपने दो मंजिला घर की छत पर ममेरे भाई राकेश से गोद लिए तीन वर्षीय बेटे प्रशांत के साथ चारपाई पर सोई थी।
सोमवार सुबह महिला का शव घर की छत पर मिला था। साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, फोरेंसिक टीम, एसओजी और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था। मृतका जावित्री के ममेरे भाई राकेश ने पुलिस को बताया था कि जावित्री के पिता ने जावित्री को मकान बनाकर दिया था और गुजर बसर के लिए जावित्री के नाम पांच बीघा जमीन भी की थी।
आरोप है कि जावित्री का सगा भतीजा हिमांशु उस पांच बीघा जमीन और घर को हड़पना चाहता था। उसके लिए जावित्री की हत्या की गई है। राकेश की तहरीर पर पुलिस ने हिमांशु और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, हालांकि अभी पुलिस घटना के तार से तार नहीं जोड़ पा रही है। सूत्रों की मानें तो जायदाद के लिए हत्या से अलग भी कई चीजें सामने आ रही हैं। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।