हसनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान घोटाला हुआ, जिसमें बिना वास्तविक गन्ना आपूर्ति के फर्जी पर्चियां बनाकर मिल को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। मामले के उजागर होने के बाद चीनी मिल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। सभी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
मिल परिसर में लगे गन्ना तौल कांटों पर तैनात कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने कुछ किसानों के साथ मिलीभगत कर फर्जी पर्चियां तैयार कीं और बिना गन्ना आए ही लगभग 250 क्विंटल की एंट्री दर्ज कर दी। इस अनियमितता से मिल को करीब एक लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई। मामले की शिकायत के बाद मिल प्रशासन ने आंतरिक जांच कराई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों ने मृतक किसानों के सट्टों का उपयोग कर फर्जीवाड़ा किया। मुख्य गन्ना अधिकारी एसएस ढाका और जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। तहरीर में बताया गया कि ग्राम ढक्का के मृतक किसान मेहंदी हसन और ग्राम नसीरपुर के लाल सिंह के नाम पर पर्चियां बनाकर गन्ने की गलत आपूर्ति दर्शाई गई।
वर्तमान में संबंधित सट्टे उनके परिजनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें मेहंदी हसन के सट्टे पर उनके बेटे मोहम्मद इदरीश, मोहम्मद कामिल, उमर, आमिर, आदिल तथा लाल सिंह के सट्टे पर पवन सिंह और नरेश कार्यरत हैं। मिल प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पुलिस जांच जारी है।
सेवा समाप्त, भारी जुर्माना लगाया गया
हसनपुर। मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्य गन्ना अधिकारी ने बताया कि गड़बड़ी में शामिल सभी 15 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही, विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए सभी कर्मचारियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सख्त कदम से मिल के अन्य कर्मचारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
इन कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी, और सेवा समाप्त
- जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें धर्मेंद्र कुमार मोहम्मदपुर बंगर सैदनगली, सोविंद्र सिंह चकौरी हसनपुर, इरफान हैबतपुर बंजारा हसनपुर, गुरुवचन सिंह दमगढ़ी सैदनगली, कुलदीप कुमार दमगढ़ी, मनीश कुमार हुसैनपुर, शिवम कुमार नंगलिया मुंशी, कुलवंत सिंह डोमखेड़ा, अंकुरपाल अलावलपुर, मनोज कुमार चकौरी, रसवीर सिंह ईशापुर शर्की, रिंकू कुमार देहरी जट रजबपुर, पवन सिंह नसीरपुर, वरुण कुमार भटौला शर्की और शिव कुमार भड़वाड़ा थाना नखासा जनपद संभल शामिल हैं।
तहरीर और बयानों में विरोधाभास
-चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी एसएस ढाका और जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कोतवाली में दी गई तहरीर में स्पष्ट लिखा है कि चीनी मिल को एक लाख की क्षति पहुंचाई गई, लेकिन मुख्य गन्ना अधिकारी एसएस ढाका ने दूरभाष पर बताया कि क्षति पहुंची नहीं है। बल्कि क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। उनके खातों पर होने वाले भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
ठीक तरह से नहीं हुई जांच, और भी हो सकते हैं दोषी
-भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष ठाकुर महेश सिंह का कहना है कि चीनी मिल में हुए घोटाले की जांच सही तरह से नहीं हुई है। इसमें अन्य कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी दोषी हो सकते हैं। घोटाला एक लाख से अधिक का भी हो सकता है। सीबीआई जांच कराई जाए।
बयान
चीनी मिल में घोटाले से संबंधित एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसकी जांच की जाएगी।-पंकज कुमार त्यागी, सीओ हसनपुर
चीनी मिल में तौल क्रय केंद्रों पर तैनात 15 कर्मचारियों के द्वारा गड़बड़ी गई है। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई, सभी की सेवा समाप्त करते हुए 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। -एसएस ढाका, मुख्य गन्ना अधिकारी, दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर गजरौला
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मुर्दों के नाम पर पर्चियां जारी कर लगा रहे थे मिल को चूना
- भाकियू ने की सीबीआई जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हसनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान सामने आए गन्ना तौल घोटाले ने मिल प्रशासन से लेकर किसान संगठनों तक में खलबली मचा दी है। बिना वास्तविक गन्ना आपूर्ति के ही कागजों और कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी पर्चियां चढ़ाकर मिल को लाखों रुपये की चपत लगाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
शिकायत मिलने पर जब मिल प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच टीम को सक्रिय किया और मिल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो तकनीकी धोखाधड़ी की पूरी परतें खुल गईं।
जांच में सामने आया कि तौल कांटों पर तैनात इन कर्मचारियों ने कुछ बिचौलियों और किसानों के साथ सांठगांठ की। मिल परिसर में बिना कोई गन्ना आए ही सिस्टम में लगभग 250 क्विंटल गन्ने की फर्जी एंट्री दर्ज कर दी गई। इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए जालसाजों ने उन मृत किसानों के सट्टों का इस्तेमाल किया, जिनकी मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में उनके सट्टे परिजनों द्वारा संचालित हैं। इसमें ग्राम ढक्का के मृतक किसान मेहंदी हसन और ग्राम नसीरपुर के लाल सिंह के नाम पर फर्जी पर्चियां काटी गईं।