मंगलवार को मॉर्निंग वॉक पर निकले और संदिग्ध हालात में जहर खाकर जान देने वाला 16 वर्षीय किशोर करीब चार माह पूर्व ही पढ़ाई छोड़ दिया था। इस दौरान स्कूल ने इस संबंध में परिजनों से बात की, परिवार के लोगों किशोर को समझाया भी था, लेकिन वो पढ़ने के लिए राजी नहीं हुआ।
जिस विद्यालय में किशोर पढ़ता था, बात करने पर उसके कक्षा अध्यापक ने बताया कि वह स्कूल नहीं आता था। क्योंकि पढ़ाई में उसका मन ही नहीं लगता था। जिस समय वह पढ़ाई छोड़ कक्षा 11हवीं का छात्र था, इस दौरान वह अर्द्धवार्षिक परीक्षा में भी शमिल नहीं हुआ। किशोर के पढ़ाई छोड़ने पर विद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में उसके परिवारीजन से शिकायत की, इस दौरान किशोर को उसके परिजनों ने भी उसे काफी समझाया, लेकिन वह पढ़ाई के लिए राजी नहीं हुआ। स्कूल के कक्षा अध्यापक ने बताया कि छात्र का पढ़ाई में बिल्कुल ही मन नहीं लगता था। शायद यही कारण था कि वह होमवर्क भी पूरा नहीं करता था। कक्षाध्यापक के अनुसार किशोर अक्सर नर्वस रहता था। इसक्रम में 4 माह पूर्व संपन्न हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा से ठीक पहले उसने स्कूल आना छोड़ दिया था। जब वह कई दिनों तक स्कूल नहीं आया तो इसकी सूचना विद्यालय प्रशासन ने किशोर के घर पहुंच कर उसके पिता को दिया। क्लास टीचर के मुताबिक छात्र के पिता ने उसे बहुत समझाया, लेकिन उसने स्पष्ट कर दिया कि वह पढ़ना ही नहीं चाहता है। इसके चलते वह अधिकांश समय अपने दोस्त के साथ ही रहता रहा। उसी के साथ खेलता और उसी के साथ बाहर भी जाता था। इसीक्रम में जहर खाकर गंभीर दूसरा किशोर पढ़ाई करने में सामान्य था। दूसरे छात्र की बहुत कम ही शिकायतें मिलती थी। लेकिन वह भी अपने दोस्त के साथ ज्यादा समय बिताता था। बुधवार की शाम तक दोनों के जहर खाने के वास्तविक कारण की जानकारी किसी के पास नहीं थी।