आम के बाग की रखवाली करने वाले मजदूर की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। जबकि उसके पिता ने उसे नशा करने का आदी बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया था। अब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
देहात थानाक्षेत्र जलीलपुर बक्काल निवासी अतरसिंह का तीसरे नंबर का बेटा बेटा रिंकू गांव के ही रहने वाले स्वामी के आम के बाग की रखवाली करता था। मंगलवार की रात करीब आठ बजे रिंकू दुकान से गुटखा खरीद कर बाग की रखवाली करने के लिए चला गया था। लेकिन रात में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
उसका शव आम के बाग से डेढ़ किलोमीटर दूर घंसूरपुर और नन्हेड़ा गांव के जंगल में पड़ा मिला। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की थी। एसपी विनीत जायसवाल के निर्देश पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम घटनास्थल पर सबूत जुटाए थे। उसके शरीर या गले पर भी कोई ऐसा निशान नहीं था, जिससे उसकी हत्या किए जाने का शक गहरा सके। पूछताछ के दौरान परिजनों ने किसी से भी रंजिश होने से इनकार कर दिया था। पिता अतर सिंह ने पुलिस को बताया था कि रिंकू नशा करता था। इसलिए घटना में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। इसके बाद भी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन रिंकू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।