मंडी धनौरा। रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव व चुनाव अधिकारी का मुद्दा गरमा गया है। सोमवार को दिन भर सोशल मीडिया पर रामलीला चुनाव व चुनाव अधिकारी की कार्यशैली का मुददा छाया रहा। बीते 25 सालों से रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव अधिकारी रहे पूर्व पालिकाध्यक्ष कमल अग्रवाल ने तदर्थ कमेटी द्वारा अपनी कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाने से आहत होकर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। त्यागपत्र देने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाने वालों को आईना भी दिखाया है। उनके त्यागपत्र देने की जानकारी होने पर लोगों ने तदर्थ कमेटी के दो लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रकरण में एक जनप्रतिनिधि भी जनता का कोपभाजन बन रहे हैं।
करीब 10 दिन पहले रामलीला प्रबंध समिति के अध्यक्ष जागेश अग्रवाल ने चुनाव अधिकारी कमल अग्रवाल को एक पत्र सौंपकर चुनाव कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद तदर्थ कमेटी ने चुनाव अधिकारी की कार्यशैली पर ही प्रश्न चिह्न लगाते हुए उनको बदलने की मांग की। रविवार को रामलीला प्रबंध समिति के सचिव पवन गुप्ता ने रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव व चुनाव अधिकारी के मुददे पर चर्चा के लिए आगामी छह दिसंबर को आजीवन सदस्यों की बैठक बुलाने का बयान जारी किया। सोमवार को तदर्थ कमेटी के एक व्यक्ति ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी कर दी। देखते देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमा गया। लोगों ने चुनाव अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उटाने वालों को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। आरोप प्रत्यारोप के बीच चुनाव अधिकारी कमल अग्रवाल ने अपने पद से त्यागपत्र देने का ऐलान कर दिया। सोशल मीडिया पर लिखे अपने पत्र में चुनाव अधिकारी ने उन पर अंगुली उठाने वालों को आईना दिखाया है। पूरे प्रकरण में एक जनप्रतिनिधि भी सोशल मीडिया पर लोगों का कोपभाजन बनते रहे।