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भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच में ‘खाई’, किसानों को यह बात रास न आई

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अमरोहा जोया रोड स्थित पुलिस लाइन के मैदान में सड़क किनारे खोदी गई नीव नुमा खाई। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। पुलिस लाइन के मैदान में किसान महापंचायत को लेकर भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। कई दिन से रोजाना अधिकारी किसान नेताओं से वार्ता कर रहे हैं। जिला प्रशासन की मंशा है कि किसान पुलिस लाइन को छोड़कर किसी दूसरे मैदान में महापंचायत करें। जबकि भाकियू नेता वहीं महापंचायत करने की जिद पर अड़े हैं। इसी बीच प्रशासन ने पुलिस लाइन के मैदान में जेसीबी से खाई खुदवा दी है। जिसे लेकर किसानों में आक्रोश फैला है।
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22 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोया रोड स्थित पुलिस लाइन के मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके अगले ही दिन भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी पुलिस लाइन के मैदान का मुआयना कर 17 अक्टूबर को किसान संयुक्त मोर्चा की किसान महापंचायत का एलान कर दिया था। भाकियू नेताओं ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी थी कि किसानों को महापंचायत करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती है। जिसके बाद से जिला प्रशासन के होश उड़े हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कई बार किसानों से वार्ता कर चुके हैं। लेकिन किसान मुख्यमंत्री के जनसभा स्थल पर महापंचायत करने की जिद पर अड़े हैं। इस बीच पुलिस लाइन के निर्माण के लिए प्रशासन ने नींव खुदवा दी। इस बात से किसान नेताओं में आक्रोश हो गया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने महापंचायत रोकने के लिए पुलिस लाइन में खाई खुदवाई है।
गुरुवार को किसान नेताओं को एसपी पूनम ने अपने ऑफिस में बुलाया था। यहां डीम बीके त्रिपाठी और एसपी पूनम मौजूद रहीं। दोनों अधिकारियों ने किसान नेताओं से पुलिस लाइन के मैदान में महापंचायत नहीं करने का अनुरोध किया। करीब एक घंटे तक चली चर्चा में भाकियू नेताओं ने स्पष्ट कह कि प्रशासन द्वारा जेसीबी चलवाकर मैदान में जो खुदाई कराई गई है, पहले उसे बंद कराया जाए। खाई बंद होने तक इस संबंध में कोई वार्ता नहीं की जाएगी। पहले खाई को बंद कराओ इसके बाद ही वार्ता संभव है।
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इस दौरान भाकियू टिकैत गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विजय पाल सिंह के बेटे चौधरी दानवीर सिंह, जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह, अशोक सिंह, हाजी मोहम्मद उमर, बादशाह, जोगिंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
पुलिस लाइन की जमीन सरकारी जमीन है, यहां पर निर्माण कार्य होना है, जिसके लिए नींव की खुदाई की गई है। यहां किसी तरह के कार्यक्रमों को कराया जाना संभव नहीं है। पूनम, एसपी
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