अमरोहा। तीन महीने पहले संदिग्ध हालात में जान गंवाने वाले युवक का शव पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनोंं ने सड़क हादसे में मौत होना मानते हुए शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था लेकिन बाद में उसके तीन साथियों पर हत्या का शक गहराया। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
नौ जुलाई को रजबपुर थानाक्षेत्र के बाईपास पर हाईवे के ओवरब्रिज के नीचे दिलशाद के बेटे शहादत का शव मिला था। इस दौरान वह तीन साथियों के साथ घर से गजरौला जाने की बात कह कर निकाला था। इस मामले में परिजनों ने सड़क हादसा मानते हुए शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था लेकिन बाद में उसके ही तीन साथियों पर हत्या शक जताया गया था।
मामले में परिजनों ने पुलिस से शिकायत की थी लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने मानवाधिकार आयोग की शरण ली थी। इसके बाद एसपी से मिलकर भी सुनियोजित हत्या बताया था। साथ ही परिजनों ने अधिकारियों से शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई थी। शुक्रवार को डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर व सीओ सिटी शक्ति सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्र से निकला गया।
- शहादत की मौत सड़क हादसा मानी गई थी लेकिन परिजनों ने उसके तीन साथियों पर हत्या का शक जताया है। शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शक्ति सिंह, सीओ सिटी