अमरोहा। कोरोना संक्रमण के दौर में पहली बार छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से परिचित हुए। बच्चों से दिन भर गुलजार रहने वाले स्कूल व कॉलेज में सन्नाटा पसरा रहा। छात्र छात्राओं की क्लास ऑनलाइन चली तो उनकी लिखने की आदत और लिखावट खराब हो गई। इसका असर परीक्षा के परिणाम में देखने को मिल सकता है। वहीं, कुछ छात्र-छात्राएं अपनी लिखावट सुधारने में लगे है।
कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा व्यवस्था करीब दो साल बेपटरी रही। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की प्रयास किया। जिन छात्र छात्राओं के पास स्मार्टफोन नहीं थे, उनको पढ़ाई करने में परेशानी हुई। बच्चों की पढ़ाई किसी भी तरह प्रभावित न हो सके इसके लिए अभिभावकों को स्मार्टफोन खरीदने पड़े। ऑनलाइन कक्षाओं में जैसे-तैसे कोर्स पूरे हुए। लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के चलते छात्र-छात्राओं के लिखने की आदत लगभग खत्म हो गई। कोरोना की दूसरी लहर में तो परीक्षाएं तक स्थगित हो गईं। इस बार स्कूल खुल गए हैं, परीक्षाएं हो रही हैं। स्कूल खुले तो शिक्षक छात्रों की समस्या की समाधान करने में जुट गए है।