ढबारसी। गंगेश्वरी ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में सैनिटाइजेशन एवं साफ-सफाई के कार्य कराने के नाम पर लाखों की रकम हड़प ली गई है। गांव में जितना कार्य दर्शा कर धनराशि हड़पी गई है। वास्तव में उतना कार्य जमीनी रूप से नहीं हुआ है। जिम्मेदार अफसर अंजान बने हुए हैं।
गंगेश्वरी ब्लॉक में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार ने गांवों में साफ सफाई व सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए थे। सरकार के उसी आदेश की आड़ लेकर कुछ ग्राम पंचायतों ने ब्लॉक कर्मियों की साठगांठ से खेल कर दिया है। ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम प्रधानों ने पांचवें राज्य वित्त आयोग से आई धनराशि में पंचायतों में विकास कार्यों का क्रियान्वयन करवाने के बजाय गांव में सिर्फ एक बार सफाई व एक बार सैनिटाइजेशन करवाने के बाद लाखों रुपये का खर्चा दर्शा कर रकम का बंदरबांट कर दिया है। जबकि जमीनी रूप से उतना कार्य नहीं किया गया है। हालांकि साफ सफाई के लिए सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को सफाई कर्मी दिए हुए हैं।
गंगेश्वरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गंगाचोली में एक बार 6 लाख 41 हजार व दूसरी बार में सफाई के नाम पर 50 हजार का खर्चा दर्शाया गया है। ग्राम पंचायत गंगेश्वरी में सफाई के नाम पर 2 लाख रुपये, ग्राम पंचायत सिमथला में सैनिटाइजेशन व सफाई के नाम पर एक लाख रुपये, चकफेरी ग्राम पंचायत में सैनिटाइजेशन व सफाई के नाम पर 1 लाख रुपये, बहादुरपुर मिश्र में 70 हजार रुपये, तलाबड़ा ग्राम पंचायत में 80 हजार रुपये, मरौरा ग्राम पंचायत में 3 लाख 40 हजार रुपये, मलकपुर ग्राम पंचायत में 1 लाख 95 हजार रुपये, आदमपुर ग्राम पंचायत में 60 हजार रुपये, दरियापुर तुगन मे 1 लाख रुपये जबकि ढबारसी ग्राम पंचायत में फॉगिंग मशीन के नाम पर 60 हजार, सैनिटाइजेशन के नाम पर 1 लाख 20 हजार रुपये, सफाई के नाम पर गांव में 80 हजार रुपये तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सफाई के नाम 70 हजार रुपये दर्शाकर कुल 3 लाख 30 हजार रुपये का खर्चा दर्शाया है।
जबकि ग्रामीणों की मानें तो कोरोना काल में ग्राम पंचायत द्वारा एक एक बार सैनिटाइजेशन कराया है। उसके बाद सैनिटाइजेशन का कार्य नहीं कराया गया। खास बात यह है कि इनमें कुछ ग्राम पंचायतों ने धनराशि पूरी निकाल भी ली है जबकि कुछ ग्राम पंचायतों की धनराशि अधूरी निकाली गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा ने बताया कि अगर कोई ग्राम प्रधान सफाई व सैनिटाइजेशन के नाम पर ज्यादा रुपये निकालता है तो उसे उस मद के खर्चों का ब्योरा उपलब्ध कराना होगा तथा जांच में साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होते हैं।
क्या बोले ग्रामीण
- ढबारसी के अमरीश त्यागी का कहना है कि नवनिर्वाचित प्रधान ने गांव में एक बार सैनिटाइजेशन का कार्य कराया है जबकि फॉगिंग का कार्य गांव में नहीं हुआ है।
-गंगाचोली ग्राम पंचायत सेक्रेटरी पुष्पेन्द्र चौहान ने बताया कि चुनाव से पूर्व गांव में तीन बार व चुनाव के बाद दो बार सैनिटाइजेशन कार्य कराया है। जिसका दो बार में भुगतान निकाला गया है। 6 लाख 41 हजार रुपये की गलत फीडिंग हो सकती है।
-ढबारसी के ग्राम प्रधान मौहम्मद आरिफ ने बताया कि गांव में दो बार सैनिटाइजेशन व एक बार मशीन द्वारा फॉगिंग कार्य कराया गया है।
- गंगाचोली के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सैनिटाइजेशन व सफाई कार्य में फर्जीवाड़ा किया गया है। गांव में मात्र दो बार सैनिटाइजेशन का कार्य कराया गया है।