प्रयोगशाला के उद्घाटन के सोलह दिन बाद मंगलवार को बगैर लैब टेक्नीशियन के बीस नमूनों की कोरोना की जांच हो गई। जिनमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव बताई गई है। फिलहाल ये सैंपल रिजर्व रखे गए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेज से उनकी जांच कराई जा सकती है।
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट स्थित लैब 30 शैय्या मैटरनिटी विंग सीएचसी की बिल्डिंग में आरटीपीसीआर नमूनों की जांच के लिए लैब स्थापित की गई है। 21 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद पंद्रह दिन बाद भी आरटीपीसीआर लैब अभी पूरी तरह से चालू नहीं हुई थी। लैब में तीन लैब टेक्नीशियन सहित छह से सात कर्मचारी तैनात किए गए हैं, लेकिन अभी तक लैब उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। सोमवार को बीस नमूनों की जांच होनी थी। जांच के लिए आशंकित मरीजों के नमूने लैब में भेजे गए थे, लेकिन मशीन के आईडी-पासवर्ड नहीं मिलने के कारण जांच नहीं हो सकी थी। सीएमओ डॉ .संजय अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को लैब में 20 कोरोना आशंकित मरीजों के नमूनों की जांच की गई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल लैब में जांच होने वाले सैंपल रिजर्व रखे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर उनकी जांच मेडिकल कॉलेज से कराई जाएगी।