डीएम निधि गुप्ता वत्स ने संपूर्ण समाधान दिवस में आई शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधीनस्थों को शिकायतकर्ता की शिकायतों का जल्द निस्तारण करने और उनका फीडबैक लेने के निर्देश दिए।।
डीएम शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायत सुन रही थीं। इस दौरान उन्होंने बीते समाधान दिवस में आई शिकायतों के निस्तारण के लोगों से फीडबैक भी लिए। समाधान दिवस में कुल 10 शिकायतें दर्ज कराई गई। इनमें से चार का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस ग्राम पंचायत में जिस विभाग की ज्यादा शिकायत आ रही हैं, वहां विभागीय अधिकारी कैंप लगाकर शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गैरहाजिर अधिकारियों से जवाब तलब किया
मंडी धनौरा। समाधान दिवस से गैरहाजिर रहने वाले कई अधिकारियों से डीएम ने स्पष्टीकरण तलब किया है। अधिकारियों को प्रेषित नोटिस में कहा कि समाधान दिवस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। समाधान दिवस में न तो आप आए और न ही आपके विभाग से संबंधित कोई प्रतिनिधि शामिल हुआ। डीएम ने गैरहाजिर रहे जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अधीक्षण अभियंता विद्युत, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी से अपना का स्पष्टीकरण देने को कहा है। संवाद
निरीक्षण में मिली खामियां, डीएम ने निरस्त दुकान का आवंटन नहीं होने पर मांगा जवाब
मंडी धनौरा। डीएम ने शनिवार दाेपहर तहसील का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर डीएम ने नाराजगी जताई। साथ ही सुधार के निर्देश दिए। वहीं, बीते 10 माह से राशन की दुकान निरस्त होने के बाद भी उसका आवंटन नहीं करने पर डीएम ने पूर्ति निरीक्षक से जवाब मांगा है।
समाधान दिवस के बाद डीएम ने तहसील का निरीक्षण किया। राजस्व कार्यालय के निरीक्षण में संग्रह अमीनों के पास आरसी और वसूली का रिकार्ड नहीं मिलने पर डीएम ने तत्काल रजिस्टर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। कोर्ट द्वारा जारी आदेश का अनुपालन नहीं होने व उनको रजिस्टर में दर्ज नहीं करने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि तीन साल से अधिक पुराना कोई भी केस लंबित नहीं रहना चाहिए। कई खामियाें के बावजूद अमीनों व लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर एसडीएम व तहसीलदार को फटकार लगाई। वहीं, 10 माह पहले निरस्त राशन की दुकान का आवंटन नहीं करने पर पूर्ति निरीक्षक का स्पष्टीकरण मांगा गया है।