मुरादाबाद जिले के मझोला थाना क्षेत्र के सेक्टर-15 निवासी सचिन शर्मा ने बताया कि उन्हें कुछ जमीन की आवश्यकता थी। उनकी मुलाकात संभल जिले के पैंतिया माफी निवासी हरनाम सिंह से हुई। हरनाम ने बताया कि डिडौली क्षेत्र के चौधरपुर निवासी भूरा जमीन बेच रहा है। आरोपी ने उनकी भूरा से मुलाकात कराई। भूरा ने अपनी जमीन और मकान दिखाया। जिसका सौदा 86 लाख रुपये में तय हुआ। जमीन और मकान का एग्रीमेंट हो गया। 18 अक्तूबर 2023 को एग्रीमेंट के आधार पर भूरा ने जमीन और मकान दोनों का बैनामा अमरोहा तहसील में सचिन शर्मा के पक्ष में कर दिए।
चौहद्दी में गाटा संख्या 309 अंकित कराई गई थी, लेकिन, भूरा ने बेटे मोहम्मद नासिर, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद मुस्तफा, गुलाम हैदर और अपनी पत्नी फिरदौस के साथ मिलकर गाटा संख्या 309 के स्थान पर गाटा संख्या 348 का फर्जी बैनामा करा दिया। जबकि, गाटा संख्या 348 की जमीन 28 नवंबर 2019 को अकीला खातून निवासी चौधरपुर को बेची जा चुकी थी। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर सचिन ने भूरा और उसके लड़कों से शिकायत की और अपनी रकम वापस मांगी। 12 मई 2024 को दोनों पक्षों का समझौता हो गया, लेकिन इसके बाद भूरा रुपये देने में टालमटोल करने लगा।
कुछ समय बाद भूरा ने बेहद चालाकी से गाटा संख्या 309 का बैनामा पत्नी फिरदौस, बेटे मोहम्मद राशिद, मोहम्मद नासिर, मोहम्मद मुस्तफा और गुलाम हैदर के नाम पर दान पत्र रजिस्टर्ड करा दिया। सचिन शर्मा ने अपने रुपये मांगे तो आरोपियों ने देने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित सचिन शर्मा ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में सीजेएम के आदेश पर भूरा, उसके बेटे मोहम्मद नासिर, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद मुस्तफा, गुलाम हैदर और उसकी पत्नी फिरदौस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।