डिडौली (अमरोहा)। घर में खजाने का झांसा देने और नवजात की बलि की कोशिश कराने वाले तांत्रिक के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। तांत्रिक की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है, वह गांव छोड़कर फरार हो गया है। आरोप यह भी है कि दंपति को वश में करने के लिए आरोपी ने कुछ ऐसा खिलाया भी था, जिसके बाद से महिला का स्वास्थ्य बिगड़ गया है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के असगरीपुर गांव निवासी जब्बार अहमद अपनी पत्नी इरम फात्मा और दस दिन के नवजात बेटे को लेकर शुक्रवार को डिडौली कोतवाली पहुंचा था। उसने आरोप लगाया था कि क्षेत्र के गांव ककराली निवासी एक तांत्रिक ने छह महीने पहले उसके पिता इकरार अहमद को घर में खजाना छिपा होने का झांसा देकर फंसाया था। उसने तंत्र विद्या कर खजाना निकालने का दावा करते हुए पिता से 50 हजार रुपये ठग लिए थे, लेकिन खजाना नहीं निकला। इस सदमे में उसके पिता इकरार अहमद का निधन हो गया था। आरोप है कि अब तांत्रिक ने उसे भी अपने जाल में फंसाकर घर में छिपा खजाना निकालने के नाम पर चार बार में दो लाख रुपये उससे ले लिए।
जब्बार का कहना है कि दस दिन पहले उसकी पत्नी इरम फात्मा ने बेटे को जन्म दिया है। अब तांत्रिक बच्चे की बलि दिलवाने की कोशिश करने लगा। कह रहा था कि नवजात की बलि देने के बाद ही खजाना मिल पाएगा। विरोध करने पर उसने जादुई शक्ति छोड़कर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस बीच पति-पत्नी को कुछ ऐसा खिलाया कि उसके बाद से पत्नी इरम फात्मा की तबीयत बिगड़ गई है।
इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि शिकायत के आधार पर शनिवार रात तांत्रिक बिलाल निवासी ककराली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वह घर से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की है।
इन धाराओं में दर्ज की रिपोर्ट
डिडौली कोतवाली में कथित तांत्रिक ककराली निवासी बिलाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर का कहना है कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।