गजरौला के औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी जुबिलेंट लाइफ साइंसेज से छह करोड़ अस्सी लाख की वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। आबकारी विभाग का शुल्क जमा नहीं करने पर डीएम ने यह कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने बकाया राशि को भूराजस्व की भांति वसूल करने के लिए उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया है। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को वसूली की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।
गजरौला की कंपनी जुबिलेंट लाइफ साइंसेज पर बकाये के संबंध में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि जुबिलेंट लाइफ साइंसेज पर आबकारी विभाग का कई साल का बकाया है। पत्र में उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 39 का हवाला देते हुए तत्काल वसूली के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जुबिलेंट पर बकाया धनराशि छह करोड़ अस्सी लाख की वसूली भूराजस्व की भांति किए जाने के निर्देश एसडीएम को दिए गए हैं।
एसडीएम मो. नईम का कहना है कि, जुबिलेंट लाइफ साइंसेज के खिलाफ छह करोड़ अस्सी लाख रुपये की वसूली का पत्र डीएम की ओर से प्राप्त हुआ है। बकाया की वसूली के लिए तहसीलदार धनौरा को निर्देशित कर दिया गया है।
आबकारी का एक प्रकरण विभाग के प्रमुख सचिव के यहां विचाराधीन चल रहा है। अभी नोटिस नहीं मिला है, सुनवाई होनी है। - सुनील दीक्षित, डिप्टी डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन, जुबिलेंट