फर्म की ओर से लेखा पुस्तक नहीं दिए जाने और जांच के दौरान पाए गए प्रतिकूल तथ्यों के आधार पर व्यापारी से 30 लाख रुपये वसूले गए। वहीं, दूसरी ओर बिजनौर में ईंट निर्माता व्यापारी की फर्म पर कार्रवाई के दौरान पाया गया कि भट्ठा व्यापारी की ओर से बहुत कम उत्पादन व बिक्री दिखाई जा रही है, जबकि भट्ठे का संचालन लगातार किया गया है। जांच के दौरान करीब 25 लाख रुपये की कीमत के ईंट को सीज कर दिया गया।
अपर आयुक्त ने बताया कि अप्रैल के महीने में संभाग-ए (संभल, मुरादाबाद और अमरोहा) में पांच जगह जांच हुई, जिसमें 43 लाख रुपये वसूले गए। संभाग-बी (रामपुर, चंदौसी और मुरादाबाद) में पांच जगह जांच हुई, जिसमें 58 लाख रुपये जमा कराए गए।
वहीं, बिजनौर में तीन जगह जांच की गई, जिसमें 40 लाख रुपये वसूले गए। इस तरह इस महीने कुल 171 करोड़ रुपये जीएसटी विभाग ने वसूले हैं। जांच टीम में संयुक्त आयुक्त एसपी तिवारी, मिलिंद राज, प्रीति शर्मा, उपायुक्त उत्तम तिवारी, वामदेव त्रिपाठी, पुष्पेष सिंह, रणंजय यादव, अखिलेश कुमार आदि रहे।