अमरोहा। कलक्ट्रेट पहुंचे पांडली गांव के किसानों ने चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। साठ बीघा जमीन कम बताकर गोलमाल करने का आरोप लगाया। बिना नाम वाले व्यक्तियों के चक काट दिए। जबकि 21 उड़ान चक बनाए हैं। ग्रामीणों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर चकबंदी प्रक्रिया को स्थगित करके दोबारा सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही ऐसे चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बृहस्पतिवार को हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव पांडली के ग्रामीण एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि चकबंदी अधिकारियों ने सर्वे के दौरान मौके का रकबा बंदोबस्ती रकबे के आधार पर दर्शाया है। लेकिन चक पैमाइश कर सभी सेक्टरों में करीब 60 बीघा जमीन चकबंदी कर्मचारी कम बता रहे हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी किसान कम रकबे का चक लेना नहीं चाहता। गांव में एक एयर से 22 एयर तक के 22 चक बनाए गए हैं। जबकि 21 चक पूर्ण तरह उड़ान बना दिए गए हैं। बिना नाम वाले व्यक्तियों के भी चक बना दिए गए है। आधे से अधिक चकों की पैमाइश की गई है। लेकिन रकबा कम पड़ने के कारण काश्तकारों ने पुरानी मेड़ को ही यथावत रखा है। चकबंदी प्रक्रिया के तहत धारा 24 की कार्यवाही पूर्ण नहीं की गई है। कुछ चकरोड और नाली अनावश्यक बनाई गई है। जहां आवश्यकता है, वहां चकरोड़ नहीं बनाई गई है। चकबंदी में आरक्षित की जाने वाली भूमि गलत जगह दर्शाई गई है। कुछ जमीन ऐसी भी है, जो मौके से लगभग दोगुनी बनाई गई है। ऐसी स्थिति में कमजोर और गरीब काश्तकारों का अत्याधिक नुकसान होगा । जबकि दबंग प्रवृत्ति के व्यक्ति ही चकबंदी का लाभ उठा पाएंगे। इसलिए चकबंदी प्रक्रिया को स्थगित करके दोबारा सर्वे कराया जाए। जिससे वास्तविक स्थिति चकबंदी अधिकारी व कर्मचारियों के सामने आ सके। साथ ही चकबंदी प्रक्रिया में गोलमाल करने की कोशिश करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस दौरान छत्रपाल सिंह, शूरवीर सिंह, विजेंद्र, वीर सिंह, सतपाल, खेम पाल सिंह, यशवीर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।