डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि कुपोषित गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषक आहार, आयरन की गोली समय से उपलब्ध करा देना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
वह बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। जिसमें उन्होंने अधीनस्थों को निर्देश दिया कि जिला पोषण मिशन के कार्यक्रमों को प्रमुखता के साथ संचालित करते हुए कुपोषित बच्चों को पुष्ट बनाने में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करें। राज्य पोषण मिशन की योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। ताकि आमजन तक प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना का लाभ आसानी से पहुंच सकें। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा गया कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वजन मशीन उपलब्ध हो। कहा कि ब्लाक वार कमजोर व कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण करके अधिक से अधिक बच्चे एनआरसी में भर्ती कराया जाए। कोई भी बच्चा लाल श्रेणी का नहीं होना चाहिए। कहा कि कुपोषित गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दिए जाने वाले पूरक पोषक आहार, आयरन गोली समय से उपलब्ध करा देनी चाहिए। कहीं भी लापरवाही नहीं आनी चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि उन्हें एनआरसी के समय कमजोर व कुपोषित शिशुओं को पोषक आहार उपलब्ध होना चाहिए। समय से उनका स्वास्थ्य उत्तम हो सके। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी चंद्र शेखर शुक्ल, अपर जिला अधिकारी भगवान शरण, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आदि मौजूद रहे।