रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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प्रदेश की राजधानी तक मामला पहुंच जाने के बाद हरकत में आए आईजी बरेली विजय सिंह मीना ने मीटिंग के दौरान थानेदारों की जमकर क्लास लगाई। फटकार पड़ते ही डिडौली इंस्पेक्टर व एसओ देहात सुपुर्दगी में दिए पशुओं को खोजने के लिए दूसरी गोशालाओं के चक्कर लगा रहे हैं। बाकायदा वहां पहुंचकर पशुआें संग फोटो खिंचवाई और सुपुर्दगीनामे की प्रति भी प्राप्त कर ली। सुबूत जुटाकर वापस लौटे थाना प्रभारियों ने अफसरों को स्थिति से अवगत कराया है।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य राहुल सिंह ने जब से रजबपुर थाने की वृंदावन गोशाला उत्थान समिति नूरपुर का निरीक्षण किया है तब से अफसरों के होश फाख्ता हैं। पुलिस ने इस गोशाला को 29 गोवंशीय पशु सुपुर्द करना अपने दी गई रिपोर्ट में दर्शाया है, जबकि मौके पर गोशाला नहीं है। उसके स्थान पर ईख खड़ी है। केवल दीवार ही बनी हुई है। आयोग के सदस्य को निरीक्षण के दौरान जो हकीकत मिली, उससे पुलिस की करतूत उजागर हुई है।
मामले की गूंज राजधानी की गलियों तक पहुंच चुकी है। मसले ने उच्चाधिकारियों को भी झकझोर दिया है। दो दिन पहले जनपद में आए आईजी ने मीटिंग के दौरान थानेदारों को जमकर हड़काया था। अफसरों को सच्चाई की तह तक पहुंचने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
आईजी की डांट के बाद डिडौली कोतवाली प्रभारी अजीत रोरिया व एसओ देहात ऋषि कुमार थाना छोड़कर सुपुर्द दिए पशुओं को ढूंढने के लिए निकल पड़े। सूदनपुर गोशाला जाकर दिए गए पशुओं को देखा और पहचान की। इसके बाद पुलिस कप्तान को सूचना दी। एक-एक पशु के फोटो खींचे। सुपुर्दगीनामे की कापी ली। इसके बाद वापस लौटकर अधिकारियों को बताया।