अमरोहा। अधिकारियों के आंख मूंदकर काम करने के रवैये से सरकार और सिस्टम पर सवाल उठने लगते हैं। ऐसा ही एक कारनामा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने कर दिया है। जिस ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति का एक भी वोट नहीं है,उसे उसके लिए आरक्षित कर दिया गया। अफसरों के उदासीन रवैये पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया है। कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन कर सीट को सामान्य में कराने की मांग की है।
मंगलवार की देर रात जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव 2021 के लिए ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य वार्ड के लिए आरक्षण घोषित किया है। लेकिन बुधवार की सुबह जोया विकास खंड के कालाखेड़ा उर्फ कलालखेड़ा ग्राम पंचायत के तमाम मतदाता कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत कालाखेड़ा उर्फ कलाल खेड़ा में 948 मतदाता हैं। यहां पर अनुसूचित जाति में जाटव या वाल्मीकि आदि जाति का एक भी मतदाता नहीं हैं। बावजूद इसके ग्राम पंचायत चुनाव 2021 के लिए ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति पुरुष के लिए आरक्षित कर दिया है। इतना ही नहीं विगत पंचायत चुनाव में भी अधिकारियों ने ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया था। तब भी अधिकारियों को लिपिकीय त्रुटि मानते हुए आरक्षण परिवर्तित करना पड़ा था। इसलिए स्वयं या अन्य किसी अधीनस्थ अधिकारी को ग्राम पंचायत में भेजकर जांच करा लें। इसके बाद ग्राम पंचायत कालाखेड़ा उर्फ कलाल खेड़ा का प्रधान पद अनुसूचित जाति से परिवर्तित करके सामान्य में आरक्षित किया जाए। इस दौरान जहांगीर आलम, मोहम्मद इरफान, मुजाहिद हुसैन, मोहम्मद महरोज, महबूब शाह, मोहम्मद यूसूफ, बब्बू आदि मौजूद रहे।