अमरोहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र और अपात्रों की जांच और सूची तैयार करने में नगरीय निकाय फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इसके चलते सबको और पक्का आवास देने की योजना के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से अधिशासी अधिकारियों को कुल 1,528 लोगों की सूची भेजी गई। हालांकि पात्रता की रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। इसको लेकर अधिशासी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण-डूडा की ओर से जिले के आठ नगर पालिका और नगर पंचायतों को 1,528 लोगों की सूची भेजी गई है। इसमें पीएम आवास के लिए पात्रों की सूची तैयार करनी है इसके अलावा अपात्रों की छंटनी करनी है। हालांकि इस महत्वपूर्ण कार्य में अधिशासी अधिकारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके चलते सभी को आवास देने की योजना स्थगित है। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने अमरोहा, धनौरा और हसनपुर के एसडीएम को निर्देशित किया है। कहा कि अधिकारियों की गठित कमेटी से शत प्रतिशत जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराए और पात्र और अपात्रों की सूची की भेजें। ताकि पात्रों के मामले में डीपीआर तैयार कराई जा सके। उन्होंने कहा है कि इस महत्वपूर्ण कार्य के प्रति रुचि नहीं दिखाना गंभीर लापरवाही है।
एक महीने से कम अवधि, वंचित हो सकते हैं लोग
अमरोहा। पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना सभी को पक्का आवास है। इसके लिए राज्य स्तर से निगरानी होती है। हालांकि जिले की प्रगति बेहद सुस्त है। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए तैयारी चल रहा है। माना जा रहा है कि जनवरी में अधिसूचना जारी हो सकती है। उसके बाद मकान बनाने के लिए लोगों को लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में बमुश्किल एक महीने से कम अवधि बची है।
मकान के लिए 2.5 लाख रुपये, तीन किस्त में
अमरोहा। पात्रों को मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये दिए जाते हैं हालांकि यह रकम तीन किस्त में दी जाती है। पहली किस्त 50 हजार रुपये की होती है। उसके बाद 1.50 लाख रुपये अकाउंट में स्थानांतरित होते हैं। मकान के निर्माण होने के बाद 50 हजार रुपये और दिए जाते हैं।
इन अधिशासी अधिकारियों से तलब हुआ है जवाब
डॉ. बृजेश कुमार-अमरोहा, निहाल सिंह-हसनपुर, बृजेंद्र सिंह पाल-गजरौला और धनौरा, पुष्पेंद्र राठौर-उझारी, नमिता चौधरी-जोया और मुक्ता सिंह-बछरायूं शामिल है।
जिले के आठ नगरीय निकायों के 1,528 पात्रों की सूची संबंधित निकाय के अधिशासी अधिकारियों को भेजी गई है। पात्रता और अपात्रता की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिलाधिकारी के स्तर से नोटिस जारी किया गया है।
- ऋषिपाल सिंह, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण