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Amroha News: नौगांवा सादात, हसनपुर, मंडी धनौरा और जोया में गैस के लिए लगी लोगों की लाइन

Fri, 13 Mar 2026 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका, इस्राइल व ईरान के बीच जारी युद्ध का असर साफ दिखने लगा है। जिले में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलिंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपभोक्ताओं की लंबी कतारें गैस एजेंसियों के गोदामों पर देखी जा रही हैं। नौगांवा सादात, हसनपुर, मंडी धनौरा और जोया में गैस के लिए लोग लाइन में खड़े नजर आए। आलम यह है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
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बृहस्पतिवार सुबह से ही नौगावां सादात, हसनपुर, जोया और मंडी धनौरा स्थित गैस एजेंसी गोदामों पर बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने पहुंच गए। कई उपभोक्ता अपने खाली सिलिंडर लाइन में लगाकर घंटों बारी का इंतजार करते नजर आए। भीड़ इतनी अधिक रही कि कई स्थानों पर लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बनती दिखाई दी। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक सिलिंडर वितरण में मनमानी कर रहे हैं और अधिक कीमत पर सिलिंडर बेचे जा रहे हैं। दूसरी ओर गैस सिलिंडर की कमी और बढ़ती कीमतों का असर होटल और ढाबा कारोबार पर भी पड़ने लगा है।
शहर और हाईवे किनारे चलने वाले होटल-ढाबा संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। व्यवसायिक गैस सिलिंडर आपूर्ति ठप होने और कीमत बढ़ने के कारण कई संचालक मजबूरी में सीमित संसाधनों के साथ खाना तैयार कर रहे हैं। होटल-ढाबा संचालकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो ढाबा चलाना मुश्किल हो जाएगा। कुछ संचालक गैस के विकल्प के रूप में लकड़ी, कोयला, गोबर के उपले या अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इससे खाना बनाने में अधिक समय और मेहनत लगती है। शहर और हाईवे पर काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और दिहाड़ी कामगार सस्ते भोजन के लिए इन ढाबों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि होटल और ढाबों में खाने के दाम बढ़े तो सबसे अधिक असर इन्हीं वर्गों पर पड़ेगा। संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि होटल और ढाबों के लिए रसोई गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कीमतों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आम लोगों को सस्ता भोजन मिलता रहे और कारोबार भी प्रभावित न हो।
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गैस सिलिंडर की कालाबाजारी का लगाया आरोप
अमरोहा। जिले में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस की कमी के बीच कालाबाजारी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में गैस सिलिंडर 1200 से लेकर 1500 रुपये तक ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कारोबारी मोहम्मद अजहर ने बताया कि गैस एजेंसियों पर नियमित रूप से सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं गैस बुकिंग के लिए जारी ऑनलाइन नंबर भी अधिकतर समय व्यस्त बता रहा है। बार-बार फोन कर बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कॉल नहीं लगने से गैस बुक नहीं हो पा रही है। कई बार ओटीपी भी नहीं मिल रहा है। इससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और परेशानी बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि अचानक घर में सिलिंडर खत्म होने पर एजेंसी चालक से बात की तो उसने ओटीपी मांगा, लेकिन ओटीपी कंपनी नहीं दे रही है। ऐसे स्थिति में उसी एजेंसी के डिलीवरी बाॅय ने 12 सौ रुपये का सिलिंडर दिया। अधिवक्ता इफ्तेखार सैफी का कहना है कि एजेंसियों पर गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है, तो फिर बाजार में ब्लैक में सिलिंडर कैसे उपलब्ध हो रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि गैस की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है, लेकिन एजेंसी संचालक ही सिलिंडरों को ब्लैक में बेच रहे हैं। कौशर अली एडवोकेट का कहना है कि गैस सिलिंडर की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए और बुकिंग तथा वितरण व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। संवाद
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