शांति नगर के लोगों ने मालगोदाम रास्ते को बंद कर दिया। आक्रोशित लोगों ने यात्री पुल बनाए जाने की मांग की। धूल से रोकने को बनाई जा रही टीन की दीवार का विरोध किया। कहा कि दीवार से लोगों को ताजी हवा नहीं मिलेगी। ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की लाइन से हादसे का डर बढ़ेगा। आक्रोशित लोगों को स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ थाना प्रभारी ने किसी तरह समझा कर शांत किया गया।
बुधवार सुबह 11 बजे शांति नगर के लोगों ने मालगोदाम को जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। जिसके चलते दोनों तरफ ट्रक खड़े हो गए। यहां आक्रोशित लोगों ने कहा कि रेलवे स्टेशन मालगोदाम पर आए दिन रोड़ी, बजरी, बजरपुट से लदी मालगाड़ियां आती हैं। उनसे माल उतारते समय उड़ने वाली धूल से शांति नगर, सैफी नगर के लोगों को खासी दिक्कत होती है। धूल के गुब्बार में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। जिससे बचाव के लिए रेलवे द्वारा 20 फीट ऊंची टीन की दीवार बनाने की तैयारी कर रहा है। जिसके ऊपर 11 हजार वोल्टेज की बिजली लाइन भी गुजर रही है। जहां टीन की दीवार बन जाने से लोगों को स्टेशन की ओर से आने वाली ताजी हवा नहीं मिलेगी, वहीं ऊपर गुजरने वाली बिजली लाइन की चपेट में आकर हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा यह रास्ता रेलवे का नहीं है। रेलवे का माल लेकर आने जाने वाले ओवरलोड ट्रकों के कारण रास्ता गडढों में तब्दील हो गया है। नाला भी ट्रकों के कारण टूट गया। रास्ते को इस्तेमाल करने के बावजूद रेलवे इस पर फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं करता। सारा जिम्मा नगर पालिका निभा रही है। रेलवे के कारण हो रही दिक्कत शांति नगर के लोग झेल रहे हैं। लोगों द्वारा रास्ता बंद किए जाने की सूचना से रेलवे के अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह, आरपीएफ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मौके पर पहुंचे। चौपला चौकी पुलिस भी पहुंच गई। उनको समझाया। डीआरएम के सामने उनकी समस्या रखने का आश्वासन देकर रास्ता खुलवाया। इस मौके पर जयवीर सिंह, नरेश कुमार, कैलाश सिंह, विरेंद्र सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।