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बारिश में भीगने के बाद काला पड़ गया धान, किसान परेशान

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अमरोहा। बारिश का असर धान की फसल पर साफ दिखने लगा है। चार दिन तक बारिश के पानी में डूबा रहा धान काला पड़ गया है। इससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। काले धान के बाजार में किसानों को बहुत कम दाम मिलेंगे। धान की खरीदारी में अब व्यापारियों की मर्जी चलेगी। किसानों के मुताबिक धान का स्वाद नहीं रहेगा। खेत में पड़ी धान को सुखाने में किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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जिले में धान का रकबा करीब 26 हजार हेक्टेयर है। बीते सप्ताह धान, उड़द और बाकी फसलों पर बारिश आफत बनकर बरसी। आलू और सरसों की फसल तो दोबारा खेत में बोई जा सकती हैं, लेकिन धान और उड़द की फसल तैैयार थी। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। धान की फसल बारिश और तेज हवा में गिर गई, जबकि करीब 15 हजार हेक्टेयर जमीन में फसल कटी पड़ी थी, जो खेतों में पानी भरने से बर्बाद हो गई। बारिश से खेतों में पानी भर गया और फसल डूब गई। फसल डूबने की वजह से धान का दाना काला पड़ गया। कई जगह चार दिन बाद भी खेतों में पानी भरा है। जीतोड़ मेेहनत और लागत निकालने के बाद भी किसानों के हाथ में धान के काले दाने ही आ सकेंगे। यह धान बेचने में किसानों को मशक्त करनी पड़ेगी। किसान राम सिंह ने बताया कि अभी तक फसल को सूखाने के मशक्कत करनी पड़ रही है। धान काला पड़ चुका है। इस धान में स्वाद भी खत्म हो जाएगा। इसे बेचने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ेगी। अब व्यापारी भी किसानों को लूटने का काम करेंगे।
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