चारा लेकर जंगल से लौटते समय बैल के बेकाबू होने से बुग्गी में सवार अधेड़ महिला गंभीररुप से घायल हुई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के समय मृत अधेड़ महिला के संग उसका बेटा भी मौजूद था। जो दुर्घटना के बाद बालबाल बचा। परिवार के सदस्यों ने घटना की सूचना पुलिस को दिए बिना ही महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। संबंधित थाने की पुलिस को घटना की जानकारी नहीं थी।
मृत महिला जगवती (55) पत्नी स्वर्गीय हेमराज सिंह आदमपुर थाना क्षेत्र के साथलपुर चक मढै़या गांव की रहने वाली थी। बताया जाता है माली हालत ठीक न होने के कारण जगवती मेहनत मजदूरी और पशुओं को पालकर अपना तथा परिवार का भरण पोषण करती थी। मंगलवार को दोपहर बाद जगवती अपने पुत्र प्रदीप के साथ बुग्गी लेकर जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। बताया जाता है चारा काट कर उसने बुग्गी में रखा, इसके बाद प्रदीप ने बैल को बुग्गी में जोड़ा, तभी बैल बेकाबू हो गया और बुग्गी लेकर भागने लगा। इस दौरान जगवती बुग्गी और यूकेलिप्टस पेड़ के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हुई। घायल महिला को उसका पुत्र उपचार के लिए निजी चिकित्सक के पास ले गए। जहां परीक्षण के बाद डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की सूचना मिलने पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत महिला छह बच्चों की मां थी, उसके तीन बच्चों की शादियां हो चुकी है। जबकि तीन की शादी होनी है।