अमरोहा। लॉकडाउन के चलते आम लोग दोहरे मुश्किल का सामना कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से आटा, दाल और तेल की कीमत तय नहीं हुई है। इसके चलते जमाखोरों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आपदा में अवसर तलाश लिया है। आटा, दाल और तेल के कीमत मनमानी वसूल रहे हैं। आटा 25 रुपये किलो, दाल 100 रुपये किलो बेच रहे हैं। आर्थिक तौर पर कमजोर तबके के लोग सर्वाधिक परेशान हैं। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है कि क्या करें। दुकानों के बाहर रेट लिस्ट चस्पा करना बेमानी साबित होने लगी है। मुस्लिम कमेटी ने डीएम उमेश मिश्र को पत्रक भेजा है। उनसे कीमत को निर्धारित कराने की मांग की है। ताकि लोगों को उचित कीमत पर सामान मिल सके।
जिले में अप्रैल से लॉकडाउन शुरू हुआ है। लगभग एक महीना होने जा रहा है। इसके चलते रोजाना कमाई पर आधारित लोग परेशान हैं। इस बीच मुनाफाखोरों ने अधिक कीमत पर सामानों को बेचना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमत तय नहीं की गई है। हालांकि प्रशासनिक अफसरों ने दुकानदारों से रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिया है लेकिन न तो किसी दुकान के बाहर रेट लिस्ट अंकित है और न ही उसके अनुसार सामान बेंच रहे हैं। शहर के जट बाजार, बड़ा बाजार, आवास विकास कॉलोनी, नौबत खाना, लकड़ा, बड़ा दरबार, कुरैशी, बाजार रज्जाक, नल, कोट आदि मोहल्ले के दुकानदार खाद्य पदार्थों की मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। पुष्कर नगर के सौरभ ने बताया कि आटा 25 रुपये किलो मिल रहा है। दुकानदार उससे कम कीमत लेने को तैयार नहीं है। मोती नगर के मनीष ने बताया कि उड़द की दाल 100 रुपये किलो में बेच रहे हैं। इसके अलावा सरसों का तेल के दाम भी बढ़ा दिए हैं।। मुस्लिम कमेटी के प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता मंसूर अहमद ने रविवार को डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। उनसे खाद्य पदार्थों की कीमत तय कराने की मांग की है।