फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा फर्जीवाड़ा : सरकारी अधिवक्ता ने मांगा समय, छह मई को होगी सुनवाई

Thu, 01 May 2025 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व परिवार के अन्य सदस्यों समेत तो 18 लोगों को मनरेगा मजदूर दर्शाने के मामले में फंसे पंचायत सचिवों की याचिका पर बुधवार को भी कोई निर्णय नहीं आ सका। सरकारी अधिवक्ता ने काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। अब मामले की सुनवाई छह मई को होगी।
विज्ञापन

क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की शादी जोया ब्लॉक क्षेत्र के पलौला गांव में हुई है। शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं। शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व अन्य परिवार के सदस्यों को मनरेगा मजदूरी दर्शाने का मामला सामने आया था। मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी।
डीएम निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर तीन मार्च की शाम जोया ब्लॉक बीडीओ लोकचंद ने तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी पृथ्वी सिंह, अंजुम, हुमा परवीन, तत्कालीन लेखाकार विजेंद्र सिंह, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा शराफत अली, तकनीकी सहायक अजय निमेश, तत्कालीन एपीओ बृजभान सिंह और सेवा मुक्त ग्राम रोजगार सेवक झम्मन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सभी पर विश्वासघात करने का आरोप है। डीएम ने सभी आरोपी कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया था।
विज्ञापन

मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव हुमा परवीन, अंजुम और पृथ्वी सिंह ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले में पहली सुनवाई 21 अप्रैल को हुई। तीनों पंचायत सचिवों की फाइल में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा था। इस पर हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 30 अप्रैल नियत की थी। लेकिन, बुधवार को भी सरकारी अधिवक्ता ने काउंटर एफिडेविट दायर करने के लिए कोर्ट से तीन दिन का समय मांगा है। जबकि, दो दिन की छुट्टी पड़ रही हैं। अधिवक्ता इफ्तेखार सैफी ने बताया कि तत्कालीन पंचायत सचिव हुमा परवीन, अंजुम और पृथ्वी सिंह की याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने छह मई की तारीख नियत की है।
प्रधान से हो चुकी है 8.64 लाख रुपये की वसूली

मनरेगा में फर्जीवाड़े की जांच पूरी होने के बाद डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में क्रिकेटर शमी की बहन शबीना की सास ग्राम प्रधान गुले आयशा से उनके परिजनों व कुछ अन्य लोगों द्वारा बिना काम किए ली गई मनरेगा मजदूरी को रिकवरी के रूप में वसूलने और उनके वित्तीय अधिकार सीज करने के साथ ही अधिकार समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रधान के परिवार से शमी की बहन शबीना व बहनोई गजनबी के अलावा आठ लोगों समेत बिना काम किए कुल 8.64 लाख रुपये की मजदूरी बिना काम किए हासिल की। प्रशासन ने ग्राम प्रधान से इसकी रिकवरी कर ली है।
संविदा कर्मियों की होगी सेवा समाप्त

मामले में विभागीय कर्मियों पर जहां निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संविदा कर्मियों को नोटिस जारी कर सेवा समाप्त की जाएगी। कार्रवाई की जद में आए तत्कालीन रोजगार सेवक झम्मन लाल पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं। इसके अलावा तकनीकी सहायक अजय निमेश, एपीओ ब्रजभान सिंह व कंप्यूटर ऑपरेटर शराफत को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वर्तमान सचिव को भी नोटिस जारी किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें