रामलीला प्रबंध समिति का चुनाव नहीं कराने से समिति के आजीवन सदस्यों में रोष है। उन्होंने चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए बृहस्पतिवार को धनौरा की गढ़ी मंदिर धर्मशाला में खुली बैठक बुलाई है। सदस्यों का कहना है कि रामलीला चुनाव में राजनैतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामलीला प्रबंध समिति का हर तीन साल में चुनाव होता है।
समिति के आजीवन सदस्यों ने एक पत्र जारी कर कहा कि रामलीला प्रबंध समिति का चुनाव जुलाई 2024 में होना था लेकिन आरोप है कि राजनैतिक हस्तक्षेप की वजह से तत्कालीन एसडीएम ने चुनाव रोक दिया था। समिति के सदस्यों का आरोप है कि तदर्थ कमेटी ने बीते चार साल से आय-व्यय का कोई हिसाब नहीं दिया है। आजीवन सदस्यों ने आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई है।
प्रबंध समिति के पूर्व सचिव अवनीश कुमार ने बताया कि बैठक में नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। इस संबंध में डीएम व एसडीएम से भी मिला जाएगा। पत्र पर चिंतामणि अग्रवाल, जागेश अग्रवाल, नवनीत वर्मा, राजीव कुमार शर्मा, विरेंद्र शर्मा, राजू बादशाह, राजेंद्र कुमार, बाबूराम, अनिल कुमार समेत 22 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।