औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के संभल चौराहे पर आदेश के बाद भी मांस की दुकान खुली होने की सूचना पर बृहस्पतिवार को पुलिस पहुंची तो दुकानदार भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया तो वो गिर पड़ा। परिजनों का आरोप है कि रंजिशन तीन पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई कर दी, इससे वो बेहोश हो गया।
परिजन उसे इलाज के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत। परिजनों की ओर से तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही थी।
महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों को दिक्कत न हो इसलिए मांस की दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए हुए हैं। इधर, डिडौली कोतवाली के कनपुरा गांव निवासी बाबू की संभल चौराहा पर मांस की दुकान है। बृहस्पतिवार को बाबू ने दुकान खोल रखी थी। चेकिंग करती पुलिस पहुंच गई। बताते हैं कि पुलिस को देख वह भागने लगा। इस दौरान वो गिरकर बेहोश हो गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पीछा कर बाबू पकड़ लिया।
बाइक की चाभी निकाल ली। पुलिसकर्मियों ने बाबू की लाठी से पिटाई की। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे मुरादाबाद के साईं अस्पताल ले गए, जहां पर उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत हो जाने का आरोप लगाया। शव इकबाल नगर स्थित घर ले गए। गांव में जाकर हंगामा किया। उधर पुलिस को हाईवे पर शव रखकर जाम लगाने की सूचना दे दी गई।
एकदम पुलिस हरकत में आ गई। सीओ सिटी शील कुमार कोतवाल विवेक शर्मा कोतवाली पुलिस और देहात थाना पुलिस लेकर पहुंचे। परिजनों को समझाया। सिपाही श्रीकांत, सुशील बालियान और दारोगा वीके त्यागी के खिलाफ तहरीर दी गई है।
पिटाई की बात गलत है। पुलिस को देखकर आरोपी भागा था। गिरकर बेहोश हो गया था। जो तहरीर मिली उसके आधार पर र्कावाई की जा रही है। पुलिस दोषी होगी तो उसपर भी कार्रवाई होगी। -सीओ, शील कुमार