अमरोहा-जोया मार्ग पर कैबिनेट मंत्री महबूब के होर्डिंग्स पर पोती गई कालिख।
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एक बार फिर कैबिनेट मंत्री महबूब अली और उनके बेटे परवेज के होर्डिंग व पोस्टर पर रात में शरारती तत्वों ने कालिख पोत दी। इस कृत्य को रायपुर व जोई गांव के बीच लगे होर्डिंगों पर अंजाम दिया। सुबह नजारा देखते ही लोगों में खलबली मच गई। समर्थक भी हैरानी में पड़ गए। मसले को लोग तुर्क आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। बहरहाल पुलिस ने अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। अंदरखाने ही जांच पड़ताल कर रही है। बाद में कई होर्डिंग्स को दिन में बदलवा दिया गया।
हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या के बाद से ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली तुर्क बिरादरी के लोगों के निशाने पर हैं। हत्या के अगले दिन तुर्क बिरादरी के लोगों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर जमकर उत्पात मचाया था। कैबिनेट मंत्री के होर्डिंग्स फूंके गए थे और तोड़फोड़ बी की थी। इसके बाद कई दिनों तक तुर्क बहुल गांवों में मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे और उनके होर्डिंग्स पर कालिख भी पोती गई थी।
सोमवार रात या मंगलवार तड़के अमरोहा-जोया मार्ग पर रायपुर से गांव जोई तक लगे कैबिनेट मंत्री महबूब अली और और उनके बेटे परवेज अली के होर्डिंग्स पर फिर किसी ने कालिख पोत दी। सुबह मार्ग से गुजरने वाले लोगों ये नजारा देखा तो उनमें खलबली मच गई।
शरारती तत्वों के इस कृत्य से जहां कैबिनेट मंत्री के समर्थक सकते में हैं वहीं, लोग इसे कैबिनेट मंत्री के खिलाफ चल रहे तुर्क आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। अभी तक पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन अंदरखाने जांच पड़ताल की जा रही है। इस कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। इधर, कालिख पोती गई कई होर्डिंग्स बदलवा दी गई।