अमरोहा। किसान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना रजबपुर थानाक्षेत्र के सलारपुर खालसा गांव में हुई थी। यहां पर किसान साबिर खां का परिवार रहता है। उनका गांव से बाहर आम का बाग है। जिस पर दो ट्यूबवेल लगे हैं। उनका बड़ा बेटा अफसर सियाब खां रोजाना सुबह बाग की देखभाल करने जाता था। 23 नवंबर 2009 की सुबह साढ़े छह बजे बाग में गया था। तभी उसकी अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक अफसर सियाब खां के पिता साबिर खां की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के छोटे भाई बकास खां और भतीजे यासिर खां को आरोपी बनाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शक था कि अफसर सियाब खां ने उनके परिवार पर तंत्र क्रिया कराई है। जिसके चलते बकास खां और उसके बेटे यासिर खां उसकी गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके बाद दोनों जमानत पर बाहर आ गए थे।
ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में चल रहा था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी बकास खां और उसके बेटे यासिर खां को दोषी करार दिया। तभी दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई की और दोषी बकास खां और उसके बेटे यासिर खां को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।