अमरोहा। किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 62 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िता को सौंपने के निर्देश दिए हैं। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में बंद था, लगातार पैरवी करने के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। यहां रहने वाले मजदूर के घर गैर समुदाय के नसरुद्दीन का आना-जाना था। इसी बीच 5 जून 2017 नसरुद्दीन मजदूर की 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया। परिजनों ने छात्रा को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। किशोरी की मां ने अनहोनी की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी नसरुद्दीन को गिरफ्तार कर किशोरी को उसके कब्जे बरामद कर लिया था। इस दौरान किशोरी ने आरोपी नसरुद्दीन पर डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने आरोप लगाया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को अदालत ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी नसरुद्दीन को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 62 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।