अमरोहा में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की ‘कैद’ में आ ही गया। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने सुनपुरा गांव के जंगल में पिंजरा लगाया था। इससे पहले दो सितंबर को सुनपुरा गांव के जंगल में एक मादा तेंदुए का शव मिला था। वन विभाग ने दो तेंदुओं की लड़ाई में उसकी मौत होने का दावा किया था। पकड़े गए तेंदुए को वन विभाग ने बिजनौर के आमानगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया है।
पिछले एक साल से अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के जंगल में तेंदुआ दिख रहा था। इससे क्षेत्र के लोग दहशत में रहते थे और लोगों को खेतों पर जाना मुश्किल हो गया था। दो सितंबर को सुनपुरा गांव के जंगल एक मादा तेंदुए का शव मिला था। उस वक्त वन विभाग ने दो तेंदुओं की लड़ाई में मादा तेंदुए की मौत होने की बात कही थी। इसके बाद में ग्रामीणों ने दूसरा तेंदुआ देखे जाने का दावा किया था। यह तेंदुआ कई बार लोगों के सामने आ चुका था।
इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था। किसी अनहोनी की डर से वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए सुनपुरा के जंगल में पिंजरा लगाया था। शुक्रवार की रात तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। शनिवार की सुबह वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण पहुंचे तो उन्होंने तेंदुआ को पिंजरे में फंसा देखा। थोड़ी ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पिंजरे में फंसा तेंदुआ मामूली रूप से घायल भी हुआ है। डीएफओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि तेंदुआ पिंजरे में फंस गया है। उसे बिजनौर जनपद के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है।