Leopard swooped on bike rider returning home from flour mill
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आटा चक्की से आटा लेकर बाइक से घर जा रहे ग्रामीण पर खाई में छिपे बैठे तेंदुए ने झपट्टा मार दिया। उसके हमले में ग्रामीण बाल-बाल बच गया। शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तेंदुआ खेतों में भाग निकला। उधर तेंदुआ नजदीक ही गोशाला के सामने भी देखे जाने से आसपास के लोगों में दहशत है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों संग जंगल में कांबिंग की।
क्षेत्र के गांव नगला माफी निवासी कपिल शर्मा सोमवार की खादगुर्जर में आटा चक्की पर गेहूं पिसवाने आए थे। वह चक्की से आटा लेकर बाइक से घर जा रहे थे। आटे का कट्टा आगे रखा था। जैसे ही वह खादगुर्जर-नगला माफी वाले रास्ते पर कब्रिस्तान के निकट पहुंचे, यहां खाई में बैठे तेंदुए ने उन पर झपट्टा मारा। वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने बाइक दौड़ा दी। इधर उनके शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े। तब तक तेंदुआ खेतों में गया। उधर दोनों गांवों के बीच में एक गोशाला है। गोशाला संचालक उदित सिंधू का कहना है कि वह सुबह सोकर उठे तो उन्होंने तेंदुए को गोशाला के बाहर बैठा देखा। गांव के ही नरेंद्र शर्मा, हरपाल सिंह और नजदीकी गांव दरियापुर निवासी अनिल ने भी तेंदुए को देखे जाने की पुष्टि की। वन विभाग को सूचना दी। खबर लगते ही वन दरोगा राकेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। खेतों में तेंदुए के पंजे देखे। इसके बाद ग्रामीणों संग जंगल में कांबिंग की ,लेकिन कहीं भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। तेंदुए की दस्तक से इलाके के लोगों में दहशत है। वन दरोगा राकेश कुमार ने बताया कि गांव में तेंदुआ दिखने की जानकारी मिली है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। वह टीम के साथ गांव में गए। जंगल में गश्त कर रहे हैं। कहीं पर तेंदुआ दिखाई नहीं दिया है, हालांकि क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगला माफी और आस पास के गांवों में तेंदुए की दस्तक से दहशत है। उधर ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में आवारा घूमने वाले पशुओं के गले पर जंगली जानवर द्वारा हमले करने के घाव के निशान मिलते हैं, बाद में पशु की मौत हो जाती है। ग्रामीणों उदित सिंधू, कपिल शर्मा, नरेंद्र शर्मा, हरपाल सिंह आदि का कहना है कि तेंदुआ दिखने से यह पुष्टि हो गई है कि वह आवारा घूम रहे पशुओं का शिकार कर रहा है। उधर दहशत में जी रहे ग्रामीण खेतों में समूह बनाकर काम करने को मजबूर हैं।