तेंदुआ प्राथमिक स्कूल के पास पहुंचा
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जिले में तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को तेंदुआ घंसूरपुर गांव के प्राथमिक स्कूल के पास पहुंच गया। इस दौरान बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बच्चे कक्षाओं में कैद हो गए। दो घंटे तक दहशतजदा बच्चे स्कूल में कैद रहे। ग्रामीणों ने फायरिंग कर तेंदुए को भगाया और बाद में बच्चों को निकाल कर घर भेजा। वन विभाग ने पिंजरा तो भेज दिया लेकिन उसे लगाने की जहमत तक नहीं उठाई।
ये मामला रजबपुर थानाक्षेत्र के घंसूरपुर गांव का है। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे प्राथमिक स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। तभी तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर स्कूल के आस-पास घूमने लगा। गांव के रहने वाले दिवाकर सिंह का घर स्कूल के पास है। उनके घर कुछ मेहमान आए हुए थे। तभी दिवाकर सिंह की पत्नी सरिता देवी छत से नीचे कूड़ा फेंकने पहुंची तो उन्होंने तेंदुए को स्कूल के पास घूमते देखा। ये देखकर उनके होश उड़ गए।
तुरंत ही उन्होंने तेंदुआ होने की बात अपने परिजनों को बताई। इसके बाद दिवाकर सिंह ने छत पर चढ़कर शोर मचा दिया। थोड़ी देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। तेंदुए के आने की सूचना मिलते ही स्कूल स्टाफ ने बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। जिसके बाद करीब दो घंटे तक दहशतजदा बच्चे स्कूल में कैद रहे। प्रधानाध्यापिका अंजू सिंह ने एबीएसए राजकुमार को फोन पर मामले की जानकारी दी।
वहीं लाठी डंडे से लैस ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने लाइसेंसी असलाह से फायरिंग भी की। इसके बाद तेंदुआ गन्ने के खेत में छिप गया। इस दौरान ग्रामीणों ने तेंदुओं को काफी तलाश किया, लेकिन वह गायब हो गया। उधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सूचना पर वन विभाग ने गांव में पिंजरा तो भेज दिया, लेकिन उसे जंगल में लगाने की जहमत तक नहीं उठाई। वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष प्राप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिन से तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ खेतों पर घूमता दिखाई दे रहा है।