बुखार के बाद अब डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। इसकी चपेट में आए एक मजदूर की मौत हो गई। नूरपुर इलाज को ले जाते वक्त रास्ते में उसने अंतिम सांस ली। तो वहीं हसनपुर के मोहल्ला खेबान में बुखार आने के महज बारह घंटे के भीतर खतरनाक बुखार ने युवती को मौत की नींद सुला दिया। अन्य कई ग्रामीण भी बुखार के लपेटे में हैं। वहीं जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में अव्यवस्थाओं से जरूरतमंदों की मुश्किल बढ़ गई है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर जिवाई निवासी मोहम्मद यूनुस (36) पुत्र आबिद हुसैन बीते कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। उपचार कराने के बाद भी उसकी तबियत में सुधार नहीं हो पा रहा था। लगातार प्लेटलेट्स कम होती जा रही थी।
जांच कराने पर परिजनों को पता चला कि डेंगू हो गया है। इस पर परिवार के लोग गुरुवार की सुबह उसको बिजनौर के कस्बा नूरपुर स्थित चिकित्सक के यहां लेकर जा रहे थे, किन्तु बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। हर कोई गम में डूब गया। इधर गांव में डेंगू से मजदूर की मौत से अन्य ग्रामीण भी दहशतजदा हैं। गांव के मुर्सरत हुसैन, अदनान, अमर सिंह, मुसब्बिर, महफूज, आरजू, सरफराज, जुबैदा, उवैस, महरूल, इकराम, नूरजहां आदि भी बुखार की जद में हैं।
अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी गांव में कोई टीम नहीं पहुंची है। वहीं हसनपुर के मोहल्ला खेबान निवासी काजल (17) बुधवार को पूरे दिन एक दम फिट रही थी। लेकिन शाम को अचानक काजल को बुखार आ गया। परिजनों ने निजी डाक्टर से दवाई दिलवा दी।
काजल ने दवाई खाई और सो गई। लेकिन सुबह सात बजे तक भी काजल सोकर नहीं उठी तो परिजनों ने उसे जगाने का प्रयास किया। हिला-डुलाकर देखा लेकिन उसकी सांसें थम चुकीं थी। निजी डाक्टर को दिखाने पर मृत घोषित कर दिया। मोहल्ले में दर्जनों लोग बुखार से तप रहे हैं। दो साल पहले इस मोहल्ले में वायरल से दस लोगों को मौत हुई थी।