संभल।
जामा मस्जिद कमेटी ने शनिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। यह जानकारी जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट दी। जामा मस्जिद के सदर ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार याचिका दायर की है। जिसमें उपासना स्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन और निचली अदालत द्वारा सर्वे के आदेश नहीं दिए जाने जैसे बिंदु शामिल किए हैं। सदर ने बताया कि अन्य कई महत्वपूर्ण बिंदु भी इस याचिका में शामिल किए गए हैं।
जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया कि निचली अदालत के सर्वे करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 29 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में निचली अदालत में पेश करने और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश का पालन करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मालूम हो 19 नवंबर को चंदौसी स्थित जिला न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का वाद दाखिल किया गया था। इस वाद के बाद ही जामा मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें मस्जिद का सर्वे कराने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए जामा मस्जिद कमेटी से अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखने के निर्देश दिए थे।
जामा मस्जिद का यह है मामला
हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में जो वाद दायर किया गया था। उसमें उन्होंने हरिहर मंदिर होने का दावा किया है। न्यायालय ने अधिवक्ता रमेश सिंह राघव को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया था। कोर्ट कमिश्नर को 29 नवंबर को न्यायालय में रिपोर्ट पेश करनी थी लेकिन रिपोर्ट तैयार नहीं होने के चलते 10 दिन का समय बढ़ा दिया गया था। इस अवधि के पूरा होने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। इस वाद को दायर करने वाले वादीगण में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, पार्थ यादव, महंत ऋषिराज गिरि, राकेश कुमार, जीतपाल सिंह यादव, मदनपाल, वेदपाल और दीनानाथ शामिल हैं।
संभल में कब क्या हुआ
19 नवंबर को वाद दायर हुआ और कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए गए। इसी दिन शाम को सर्वे करने के लिए कोर्ट कमिश्नर पहुंचे।
24 नवंबर की सुबह 7.30 बजे कोर्ट कमिश्नर फिर से सर्वे करने के लिए पहुंचे, इसी दिन बवाल हो गया। पांच लोगों की जान गई। 29 पुलिसकर्मी व भीड़ में शामिल लोग घायल हुए थे।
25 नवंबर को मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डिप्टी कलक्टर को डीएम ने नामित किया
29 नवंबर को जामा मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई कर सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी, जामा मस्जिद कमेटी को हाईकोर्ट जाने के निर्देश दिए।
29 नवंबर को न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित किया गया।
1 दिसंबर को न्यायिक जांच आयोग की टीम संभल पहुंची।
2 जनवरी 2025 को जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर ने अदालत में पेश की
4 जनवरी 2025 को जामा मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की